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मंईयां सम्मान योजना स्टेटस और भुगतान जांच 2026 (झारखंड)

झारखंड की महिला मोबाइल पर मंईयां सम्मान योजना की जानकारी और बैंक भुगतान जांचते हुए

छोटा जवाब: फोन पर स्टेटस भरने का फॉर्म नहीं है। आधिकारिक MMMSY पोर्टल पर नागरिकों के लिए कोई सार्वजनिक status फॉर्म नहीं है। 11 सितंबर 2026 को वहाँ केवल होमपेज, ऑपरेटर लॉग इन और अधिकारी लॉग इन मिले। आपका आवेदन उसी प्रखंड या अंचल कार्यालय की फाइल में है जिसने कैंप में फॉर्म लिया था। पावती रसीद पर छपा पावती क्रमांक लेकर पहले वहीं पूछें, फिर जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग से, फिर टोल-फ्री 1800-890-0215 पर। किसी गैर-सरकारी status फॉर्म में आधार, बैंक विवरण या OTP न डालें।

सीधा उत्तर। पोर्टल पात्र लाभुक के लिए ₹2,500 प्रति माह की दर बताता है। भुगतान केवल आधार से जुड़े एकल बैंक खाते में DBT से होता है। कोई भुगतान कैलेंडर प्रकाशित नहीं है, इसलिए यह पेज किसी तारीख का वादा नहीं करता। आयु की शर्त आवेदन के समय 18 वर्ष पूरे और 50 वर्ष से कम है। स्वीकृति की सूचना आने का मतलब यह नहीं कि किस्त खाते में पहुँच चुकी। विभागीय फॉर्म के अनुसार स्वीकृति की सूचना प्रखंड या अंचल कार्यालय voice call या SMS से पंजीकृत मोबाइल पर देता है।

अंतिम समीक्षा 11 सितंबर 2026। RTI Wiki एक स्वतंत्र नागरिक गाइड है, झारखंड सरकार का पोर्टल नहीं, और किसी लाभार्थी का स्टेटस नहीं देख सकता। किसी एजेंट को पैसा या OTP न दें।

मंईयां सम्मान योजना एक नजर में

  • राशि: पोर्टल के अनुसार ₹2,500 प्रति माह, प्रत्येक पात्र लाभुक को।
  • भुगतान माध्यम: आधार से जुड़ा एकल बैंक खाता, DBT से।
  • भुगतान की तारीख: कोई भुगतान कैलेंडर प्रकाशित नहीं है।
  • आयु: आवेदन के समय 18 वर्ष पूरे और 50 वर्ष से कम।
  • खोज की कुंजी: पावती रसीद पर छपा पावती क्रमांक
  • सूचना का तरीका: स्वीकृति की सूचना voice call या SMS से पंजीकृत मोबाइल पर।
  • संपर्क क्रम: प्रखंड या अंचल कार्यालय, फिर जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग, फिर टोल-फ्री नंबर।
  • पोर्टल और हेल्पलाइन: mmmsy.jharkhand.gov.in, 1800-890-0215

मंईयां सम्मान योजना का स्टेटस कैसे जांचें

कैंप में फॉर्म दे चुकी हैं और अब फोन पर स्टेटस ढूँढ रही हैं, तो पहले यह जान लें। 11 सितंबर 2026 को हमने पोर्टल का होमपेज लेकर उसके सभी लिंक पढ़े। वहाँ केवल तीन रास्ते मिले, होमपेज, ऑपरेटर लॉग इन और अधिकारी लॉग इन। इसके बाद /status, /track और /beneficiary जैसे चौदह संभावित रास्ते खोले। हर बार पोर्टल का internal error पेज आया। इसलिए mmmsy.jharkhand.gov.in पर नागरिकों के लिए कोई सार्वजनिक status फॉर्म नहीं है।

यह जाँच वेबसाइट की नहीं, कार्यालय की है। तीन रिकॉर्ड काम आते हैं, पावती रसीद, कार्यालय का सत्यापन प्रतिवेदन और बैंक का क्रेडिट। इसी क्रम में चलें।

  1. पावती क्रमांक निकालें। आवेदन प्रपत्र के अंत में अलग की जा सकने वाली पावती रसीद रहती है। उस पर पावती क्रमांक, नाम, पता, प्रखंड, अंचल, जिला, तारीख और अधिकृत कर्मी का हस्ताक्षर होता है। कार्यालय इसी संख्या पर रिकॉर्ड खोजता है।
  2. एक महीना तय करें। जिस महीने की राशि पूछनी है, वह लिखकर रखें। कई महीनों को एक साथ जोड़कर अनुमान न लगाएँ।
  3. प्रखंड या अंचल कार्यालय से पूछें। फाइल पर दर्ज स्थिति और निर्णय पूछें। अस्वीकृति हो तो सत्यापन प्रतिवेदन में लिखा कारण मांगें।
  4. अपनी पासबुक देखें। नामित महीने से तारीख और राशि मिलाएँ। स्वीकृति क्रेडिट नहीं होती। पड़ोसी का स्क्रीनशॉट आपका प्रमाण नहीं।
  5. क्रम से आगे बढ़ें। प्रखंड या अंचल कार्यालय, फिर जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग, फिर 1800-890-0215। हर बार तारीख, कार्यालय और उत्तर नोट करें।
  6. दर्ज स्थिति, कारण या भुगतान संदर्भ फिर भी न मिले तो RTI से सूचना मांगें

अधिकारी लॉग इन खुद को “SINGLE WINDOW INTERFACE FOR ADSS/BDO/CO/PS/HK ONLY” बताता है और ऑपरेटर लॉग इन ऑपरेटरों के लिए है। यह नागरिकों की खोज नहीं है। किसी कर्मचारी का login कभी इस्तेमाल न करें।

सावधानी: आधार नंबर डालकर स्टेटस देखने वाली साइट सरकारी नहीं है। जो वेबसाइट “मंईयां सम्मान status check by Aadhaar” जैसी सुविधा दिखाती है, उसमें आधार, बैंक खाता, OTP या बायोमेट्रिक जानकारी न दें।

योजना की मुख्य जानकारी

तारीख/अवधि आधिकारिक रिकॉर्ड में क्या मिलता है
1 जुलाई 2024 पोर्टल के अनुसार विभागीय संकल्प संख्या 1406 से योजना के संचालन को स्वीकृति मिली।
28 जुलाई 2024 इसी तारीख के विभागीय आवेदन प्रपत्र के पत्रक में लाभ ₹1,000 प्रतिमाह और आयु की निचली सीमा 21 वर्ष छपी है।
14 अगस्त 2024 पोर्टल के अनुसार विभागीय संकल्प संख्या 2565 से पहले के संकल्प में संशोधन हुआ।
11 सितंबर 2026 को जाँचा गया पोर्टल होमपेज ₹2,500 प्रति माह, 18 वर्ष पूरे और 50 वर्ष से कम की शर्त, कैंप से आवेदन और टोल-फ्री 1800-890-0215 दिखाता है। कोई सार्वजनिक status फॉर्म या लाभार्थी सूची नहीं।

राशि का इतिहास। आज पोर्टल ₹2,500 प्रति माह बताता है। 2024 वाले फॉर्म के पत्रक में यही लाभ ₹1,000 छपा था। राशि किस तारीख और किस आदेश से बढ़ी, यह बताने वाला आदेश नहीं मिला। इसलिए यह पेज कोई तारीख नहीं बताता। पोर्टल के At a Glance काउंटर खुलने पर आयु, तारीख और राशि की जगह 0 दिखाते हैं, इसलिए उन्हें आँकड़ा न मानें। किसी महीने की किस्त की स्थिति कार्यालय के रिकॉर्ड और पासबुक से ही लें।

भुगतान कैसे जांचें

खाते में किस्त न दिखना अपने आप यह नहीं बताता कि आवेदन कट गया। पोर्टल कहता है कि भुगतान केवल आधार से जुड़े एकल बैंक खाते से होता है। फॉर्म पर छपा है कि दिसंबर 2024 के बाद सहायता के लिए आधार लिंक्ड खाता अनिवार्य है। पुष्टि के लिए:

  1. पासबुक अपडेट कराएँ या स्टेटमेंट लें। क्रेडिट SMS में तारीख, राशि तथा विवरण देखें।
  2. बैंक से पूछें कि खाता चालू है और उस पर कोई KYC रोक नहीं है।
  3. बैंक से खाते का आधार लिंक/सीडिंग और DBT स्थिति जांचने को कहें।
  4. कार्यालय से पूछें कि नामित महीने का transfer दर्ज है या नहीं, और तारीख, रकम तथा transaction reference लिखित में मांगें।

बैंक खाता DBT के लिए आधार से जुड़ा है या नहीं, इसकी विस्तृत गाइड पढ़ें। बंद या निष्क्रिय खाते की समस्या हो तो निष्क्रिय बैंक खाता चालू कराने की गाइड देखें।

Aadhaar linked और DBT credit एक ही बात मानकर न चलें। बैंक से पुष्टि लें कि सही एकल खाता आधार से जुड़ा, सक्रिय और DBT के योग्य है। सीडिंग ठीक होना यह नहीं बताता कि विभाग ने राशि कब जारी की।

कौन पात्र है

आवेदन करने से पहले, या पुराना फॉर्म हाथ में हो, तो पहले पोर्टल की मौजूदा शर्त देखें। पोर्टल पर 11 सितंबर 2026 को ये अनिवार्य शर्तें दिखाई गईं:

  • आवेदिका झारखंड की निवासी हो।
  • आवेदन के समय वह 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुकी हो और 50 वर्ष से कम हो।
  • उसके नाम का आधार से जुड़ा एकल बैंक खाता हो। सहायता इसी खाते में दी जाती है।
  • उसके पास आधार कार्ड हो।
  • उसका परिवार पोर्टल पर दी गई राशन कार्ड श्रेणियों में से किसी एक में हो: अंत्योदय अन्न योजना का पीला कार्ड, PHH/पूर्वविक्ता प्राप्त गृहस्थ का गुलाबी कार्ड, K-Oil का सफेद कार्ड या हरा पृथक राशन कार्ड।

2024 वाले फॉर्म के पत्रक में आयु की निचली सीमा 21 वर्ष छपी थी, पर आज पोर्टल 18 वर्ष कहता है। इसलिए पोर्टल को वर्तमान मानें। केवल “18 से 50” लिखना अधूरा है, क्योंकि विस्तृत पात्रता में 50 वर्ष से कम लिखा है। आयु किसी सीमा के पास हो तो आधिकारिक पोर्टल देखकर कार्यालय से पुष्टि लें।

किन्हें लाभ नहीं मिलेगा

अस्वीकृति की बात सुनकर पहले ये पाँच शर्तें मिलाएँ। आधिकारिक पोर्टल के “इन्हें नहीं मिलेगा लाभ” भाग में ये अपवर्जन दिए गए हैं:

  • आवेदिका, उसका पति, या अविवाहित आवेदिका के मामले में पिता, केंद्र या राज्य सरकार, सार्वजनिक उपक्रम, विधिक निकाय, स्थानीय निकाय, शहरी निकाय या सरकार से सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थान में नियमित, स्थायी, संविदा या मानदेय कर्मी हो, अथवा सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन या पारिवारिक पेंशन पाता हो।
  • परिवार का कोई सदस्य वर्तमान या भूतपूर्व सांसद या विधायक हो।
  • परिवार आयकर देता हो। इस खंड के लिए पोर्टल परिवार में पति या पत्नी, अविवाहित बच्चे और दिव्यांग बच्चे गिनता है।
  • आवेदिका EPF धारक हो।
  • आवेदिका महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग, झारखंड की किसी अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना का लाभ पहले से ले रही हो।

यही पाँच शर्तें फॉर्म के साथ लगे स्वघोषणा पत्र में शपथ के रूप में भी छपी हैं, यानी ये दो सरकारी दस्तावेज़ों से पुष्ट हैं। दोनों में चार पहिया वाहन या जमीन से जुड़ी कोई शर्त नहीं है, इसलिए यह पेज ऐसी शर्त नहीं दोहराता। अस्वीकृति पर निर्णय की प्रति और लगाया गया खंड मांगें।

जरूरी दस्तावेज

फॉर्म मुफ्त है। एजेंट को मूल कागज़ या OTP न दें। विभाग का आवेदन प्रपत्र निःशुल्क है। उस पर नाम, पिता या पति का नाम, पंचायत या वार्ड और प्रखंड या अंचल तक पता, मतदाता पहचान पत्र संख्या, आधार संख्या, बैंक खाता और वह आधार से जुड़ा है या नहीं, बैंक, शाखा और IFSC, राशन कार्ड संख्या, वैकल्पिक PAN, आयु, जन्म तिथि, मोबाइल नंबर और वैवाहिक स्थिति भरनी होती है।

साथ में ये स्वअभिप्रमाणित प्रतियाँ लगती हैं: आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, बैंक पासबुक, PAN, राशन कार्ड, और मूल में स्वघोषणा पत्र।

फॉर्म पर छपा है कि दिसंबर 2024 के बाद सहायता पाने के लिए आधार लिंक्ड बैंक खाता अनिवार्य है। खाता जुड़ा न हो तो पहले बैंक से ठीक कराएँ। कार्यालय अतिरिक्त प्रमाण मांगे तो आधिकारिक सूची और रसीद लें। किसी एजेंट को मूल दस्तावेज या OTP न दें। रांची जिला प्रशासन ने दिशा-निर्देश और आवेदन प्रपत्र अपने आधिकारिक नोटिस पेज पर दिए हैं।

अलग-अलग स्टेटस का क्या अर्थ हो सकता है

लंबी status सूची सरकारी फॉर्म पर नहीं है। पोर्टल पर नागरिकों के लिए status शब्दों की कोई आधिकारिक सूची नहीं मिली। सरकारी दस्तावेज़ में जो सचमुच है, वह आवेदन प्रपत्र का सत्यापन प्रतिवेदन है, और उसमें निर्णय के केवल दो खाने हैं:

फॉर्म पर दर्ज बात इसका अर्थ सुरक्षित अगला कदम
स्वीकृत, TSP, OSP या SCSP में आवेदन की स्वीकृति जाँच के बाद आवेदन स्वीकृत किया गया “स्वीकृति संख्या एवं तिथि” वाली प्रविष्टि मांगें, फिर खाते में वास्तविक क्रेडिट देखें
अस्वीकृत, कारण सहित जाँच के बाद आवेदन अस्वीकृत किया गया, कारण लिखना अनिवार्य है लिखा हुआ कारण, निर्णय की प्रति और सुधार का तरीका मांगें

प्रतिवेदन पर जाँच पदाधिकारी तथा प्रखंड विकास पदाधिकारी या अंचल अधिकारी के हस्ताक्षर होते हैं, और यही आपके आवेदन पर अंतिम दर्ज निर्णय है। किसी पर्ची या SMS पर कोई अंग्रेजी status शब्द दिखे तो उसे अंतिम न मानें। दर्ज निर्णय, कारण तथा तारीख लिखित में लें। स्वीकृति भुगतान नहीं होती, भुगतान भेजना क्रेडिट नहीं होता, और क्रेडिट न होना अपना कारण नहीं बताता।

सत्यापन और बैंक e-KYC को सही तरह समझें

बैंक का KYC और योजना का सत्यापन एक नहीं हैं। योजना का सत्यापन कार्यालय आपकी पात्रता और आवेदन रिकॉर्ड पर करता है। बैंक e-KYC खाते की स्थिति से जुड़ी है। होमपेज आधार से जुड़ा एकल खाता अनिवार्य बताता है। किसी अलग सार्वजनिक MMMSY e-KYC प्रक्रिया या OTP वाले पेज का निर्देश नहीं मिला। किसी राज्यव्यापी 2026 e-KYC समयसीमा की पुष्टि भी नहीं हुई। इसलिए:

  1. योजना सत्यापन के नाम पर आए WhatsApp लिंक पर क्लिक न करें।
  2. खाता प्रतिबंधित या KYC लंबित हो तो केवल बैंक की शाखा या ऐप से ठीक कराएँ।
  3. योजना रिकॉर्ड में दस्तावेज लंबित बताए जाएँ तो कार्यालय से सूची और रसीद लें।
  4. कोई समयसीमा या नया फॉर्म सुनने पर उसे 1800-890-0215 से पुष्ट करें।

राशि न मिले तो क्या करें

किस्त न आने पर मन न बैठे कि नाम किसी rejected list में चला गया। पहले अनुमान नहीं, रिकॉर्ड देखें। राशि न आना यह साबित नहीं करता कि आवेदन अस्वीकृत हुआ, आधार सीडिंग विफल रही या सत्यापन अधूरा है। इस क्रम में काम करें:

चरण 1: बैंक रिकॉर्ड देखें

  • पासबुक, SMS या स्टेटमेंट में उस महीने की क्रेडिट एंट्री जांचें।
  • खाता बंद, निष्क्रिय या फ्रीज हो तो बैंक से कारण और समाधान लें।

चरण 2: आधार और DBT स्थिति पूछें

  • बैंक शाखा में आधार और पासबुक लेकर जाएँ और सही खाते की आधार सीडिंग तथा DBT स्थिति जांचने को कहें।

चरण 3: योजना कार्यालय से रिकॉर्ड मिलाएँ

  • पावती क्रमांक साथ रखें और पूछें कि आवेदन स्वीकृत, लंबित या अस्वीकृत है और क्या कारण दर्ज है।
  • पूछें कि नामित महीने का कोई transfer दर्ज है या नहीं, और उसकी तारीख, रकम तथा transaction reference मांगें।
  • विफलता या वापसी दर्ज हो तो कारण और सुधार पूछें। कुछ दर्ज न हो तो बैंक विवरण बदलने के बजाय लंबित चरण पूछें।

चरण 4: हेल्पलाइन और शिकायत

  • 1800-890-0215 पर कॉल करें और तारीख, समय तथा मिला उत्तर नोट करें।
  • लिखित शिकायत की प्रति और प्राप्ति सुरक्षित रखें।

चरण 5: RTI

  • दर्ज स्थिति, कारण या भुगतान संदर्भ फिर भी न मिले तो राज्य लोक सूचना अधिकारी को RTI दें।

शिकायत और हेल्पलाइन

शिकायत पहले उसी दफ्तर में करें जहाँ फॉर्म गया था। विभागीय फॉर्म के पत्रक में संपर्क का क्रम यही है:

होमपेज पर अलग सार्वजनिक ऑनलाइन grievance form नहीं मिला, इसलिए “ऑनलाइन शिकायत” के नाम पर किसी गैर-सरकारी वेबसाइट पर निजी जानकारी न भरें। हर स्तर पर तारीख, अधिकारी का पदनाम और उत्तर लिखते चलें, क्योंकि यही रिकॉर्ड आगे काम आता है।

जिला-वार लाभार्थी सूची और वास्तविक संख्या

Rejected list PDF ढूँढ रही हैं तो रुकें। mmmsy.jharkhand.gov.in पर न लाभार्थी सूची है और न कोई rejected list PDF। 11 सितंबर 2026 को पोर्टल के सारे लिंक तथा सूची और status के सामान्य रास्ते देखने पर ऐसी फाइल नहीं मिली। जो फाइलें “मंईयां सम्मान rejected list” या “लाभार्थी सूची PDF” कहकर घूमती हैं, वे पोर्टल की नहीं हैं। ऐसी सूची खोजने का दावा करने वाली वेबसाइट पर अपना आधार नंबर कभी न डालें।

जो सचमुच मौजूद है, वह आपकी फाइल पर दर्ज निर्णय है। सत्यापन प्रतिवेदन में या तो स्वीकृति संख्या और तिथि होती है, या अस्वीकृति का कारण। यही मांगें। जिले की व्यापक जानकारी के लिए:

  1. अपने जिले की nic.in वेबसाइट पर “मंईयां सम्मान” नोटिस खोजें और उसकी तारीख, अवधि तथा जारी करने वाला कार्यालय जांचें। “अंतिम अद्यतन” तारीख किसी पुराने नोटिस को नई किस्त की घोषणा नहीं बनाती।
  2. जिला या प्रखंड कार्यालय से पूछें कि किस अवधि की कौन सी समेकित रिपोर्ट मौजूद है।
  3. सूची सार्वजनिक न हो तो RTI में निश्चित तारीख तक स्वीकृत, लंबित और अस्वीकृत आवेदनों की समेकित संख्या मांगें। दूसरों के नाम, आधार या बैंक विवरण कभी न मांगें, क्योंकि ऐसी सूचना RTI अधिनियम के अपवादों में आती है।

मोबाइल नंबर से भुगतान स्टेटस की सच्चाई

मोबाइल या आधार डालकर पोर्टल पर स्टेटस नहीं खुलता। 11 सितंबर 2026 को पोर्टल के सार्वजनिक भाग में न मोबाइल OTP से, न आधार नंबर से Beneficiary Status या Payment Status देखने की सुविधा मिली। “status check by Aadhaar number” जैसी खोजें बहुत होती हैं। पोर्टल पर ऐसा फॉर्म है ही नहीं।

फिर भी आपका मोबाइल नंबर दूसरी वजह से मायने रखता है। आवेदन प्रपत्र उसे दर्ज करता है। उसके अंत में लिखा है कि प्रखंड या अंचल कार्यालय स्वीकृति की सूचना voice call या SMS से उसी पंजीकृत नंबर पर देगा। कैंप के बाद नंबर बदला हो तो कार्यालय को तुरंत बताएँ। विभाग आगे कोई नागरिक विकल्प जोड़े तो उसे केवल mmmsy.jharkhand.gov.in पर इस्तेमाल करें और OTP स्वयं डालें।

RTI से लिखित स्थिति कैसे मांगें

दफ्तर मौखिक उत्तर पर अटके तो लिखकर रिकॉर्ड माँगें। कार्यालय आवेदन की दर्ज स्थिति, देरी का कारण या भुगतान रिकॉर्ड न बताए तो RTI अधिनियम, 2005 की धारा 6(1) के तहत आवेदन दें। RTI का काम मौजूद रिकॉर्ड निकलवाना है, भुगतान का आदेश देना नहीं। झारखंड का कार्यालय राज्य लोक प्राधिकरण है, इसलिए आवेदन राज्य लोक सूचना अधिकारी (SPIO/PIO) को संबोधित करें, CPIO को नहीं।

सही लोक प्राधिकरण वही है जिसके पास आपका रिकॉर्ड है, यानी प्रखंड या अंचल कार्यालय, जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग या विभाग का कार्यालय। वहीं से SPIO का नाम और पता पूछें। आवेदन गलत जगह चला जाए तो धारा 6(3) में स्थानांतरण का प्रावधान है।

ये रिकॉर्ड मांग सकते हैं:

  1. पावती क्रमांक [] वाले आवेदन की वर्तमान दर्ज स्थिति और लंबित अधिकारी का पदनाम।
  2. मेरे आवेदन पर बने सत्यापन प्रतिवेदन की प्रति, जिसमें स्वीकृति संख्या और तिथि अथवा अस्वीकृति का दर्ज कारण हो।
  3. आवेदन में दर्ज कमी, आपत्ति या सूची से हटाने के कारण की प्रमाणित प्रति, और लगाया गया नियम या आदेश।
  4. [माह और वर्ष] के लिए दर्ज भुगतान की तारीख, राशि, transaction reference और विफलता का कारण।
  5. मेरी लिखित शिकायत दिनांक [] पर की गई कार्रवाई और file noting की प्रति।
सेवा में, राज्य लोक सूचना अधिकारी, [लोक प्राधिकरण का नाम और पता]
विषय: धारा 6(1) के तहत मंईयां सम्मान योजना आवेदन की सूचना
कृपया पावती क्रमांक [] वाले आवेदन की दर्ज स्थिति और लंबित अधिकारी का पदनाम दें।
सत्यापन प्रतिवेदन की प्रति दें, जिसमें स्वीकृति संख्या और तिथि अथवा अस्वीकृति का कारण हो।
भुगतान जारी हुआ हो तो तारीख, राशि और transaction reference दें। जो सूचना न हो, वह स्पष्ट लिखें।

निजता: RTI आवेदन में पूरा आधार नंबर, बैंक खाता नंबर या OTP न लिखें। पावती क्रमांक और जरूरत हो तो पंजीकृत मोबाइल के केवल आवश्यक विवरण दें। सार्वजनिक रूप से RTI प्रति साझा करने से पहले निजी जानकारी छिपाएँ।

PIO को धारा 7(1) के तहत सामान्यतः 30 दिन में उत्तर देना होता है। जीवन या स्वतंत्रता से जुड़े मामले में 48 घंटे का प्रावधान है, पर भुगतान की देरी उस अपवाद में नहीं आती। उत्तर न मिले या अधूरा हो तो धारा 19(1) के तहत सामान्यतः 30 दिन में पहली अपील करें। आवेदन शुल्क राज्य के नियमों से तय होता है, इसलिए उसकी दर और भुगतान का तरीका लोक प्राधिकरण से पुष्ट करें। BPL आवेदक से धारा 7(5) के तहत शुल्क नहीं लिया जाता। RTI अधिनियम की धारा 6, 7 और 19 का सरकारी पाठ

पूरी प्रक्रिया के लिए झारखंड में RTI कैसे लगाएँ, सरकारी योजना में देरी पर RTI, पहली अपील गाइड और The RTI Playbook पढ़ें। मसौदा RTI Assistant से बनाएं और उत्तर PIO Reply Checker से समझें। पता खुद जांच लें, क्योंकि ये उपकरण आवेदन जमा नहीं करते।

डाउनलोड/सेव करें: मंईयां सम्मान स्टेटस चेकलिस्ट

नीचे की सूची से एक-एक काम काटें। पावती क्रमांक और एक महीना तय करके निकलें।

इस सूची को PDF के रूप में सेव या प्रिंट करें

  1. [ ] पावती रसीद निकाली और पावती क्रमांक लिखा
  2. [ ] जिस महीने की राशि पूछनी है, वह तय किया
  3. [ ] पासबुक में क्रेडिट देखा और आधार सीडिंग पुष्ट की
  4. [ ] प्रखंड या अंचल कार्यालय से दर्ज निर्णय पूछा
  5. [ ] जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग और 1800-890-0215 तक बात पहुँचाई
  6. [ ] देरी का कारण और payment reference लिखित में मांगा
  7. [ ] जरूरत पर SPIO को RTI दिया और किसी एजेंट को पैसा, आधार प्रति या OTP नहीं दिया

दूसरी राज्य योजनाओं से तुलना

मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा और अन्य राज्यों की योजनाओं की राशि, आयु और पात्रता अलग है और समय के साथ बदलती है। तुलना की तालिका के बजाय उस राज्य के अभी के आधिकारिक पोर्टल से नियम जाँचें। दूसरे राज्य की शर्तें मंईयां सम्मान पर लागू नहीं होतीं। इस पेज का सुरक्षित निष्कर्ष इतना है कि झारखंड का MMMSY पोर्टल ₹2,500 प्रति माह दिखाता है। संबंधित गाइड: लाड़ली बहना योजना, लाडकी बहीण योजना और सुभद्रा योजना

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मंईयां सम्मान योजना का भुगतान स्टेटस कैसे जांचें?

पोर्टल पर भरने लायक status पेज नहीं है। पावती रसीद लेकर उसी प्रखंड या अंचल कार्यालय जाएँ जिसने फॉर्म लिया था। फाइल पर दर्ज स्थिति तथा निर्णय पूछें, फिर नामित महीने के लिए पासबुक देखें। 11 सितंबर 2026 को पोर्टल पर कोई सार्वजनिक status पेज नहीं मिला।

2026 में मंईयां सम्मान योजना की राशि कितनी है?

आधिकारिक पोर्टल ₹2,500 प्रति माह प्रति पात्र लाभुक दिखाता है। 2024 वाले फॉर्म के पत्रक में यही लाभ ₹1,000 छपा था। कोई आँकड़ा यह नहीं बताता कि किसी आवेदिका का आवेदन स्वीकृत है या राशि उसके खाते में गई है।

क्या हर महीने 15 तारीख तक भुगतान पक्का है?

नहीं। ऐसी कोई तारीख प्रकाशित नहीं है। पोर्टल कोई भुगतान कैलेंडर नहीं देता और यह पेज भी कोई तारीख नहीं बताता। फॉरवर्ड किए गए संदेश के बजाय कार्यालय से नामित महीने की दर्ज स्थिति पूछें।

मेरी राशि नहीं आई, सबसे पहले क्या करूँ?

पहले पासबुक खोलें। खाता सक्रिय हो, KYC रोक न हो, और सही एकल खाता आधार से जुड़ा हो, यह बैंक से पुष्टि करवाएँ। फिर पावती क्रमांक के साथ कार्यालय से दर्ज स्थिति, नामित महीने का transfer और उसका reference मांगें।

मेरी आयु 50 वर्ष है, क्या मैं पात्र हूँ?

पोर्टल की शर्त है कि आवेदन के समय महिला 18 वर्ष पूरे कर चुकी हो और 50 वर्ष से कम की हो। इसलिए ठीक 50 वर्ष पर नया आवेदन इस शर्त में नहीं आता। 2024 वाले फॉर्म में निचली सीमा 21 वर्ष थी। पहले से लाभ ले रही महिला के बारे में कार्यालय से पुष्टि लें।

मंईयां सम्मान योजना की हेल्पलाइन क्या है?

पोर्टल और विभागीय फॉर्म, दोनों टोल-फ्री नंबर 1800-890-0215 देते हैं। फॉर्म के पत्रक में यह संपर्क क्रम में अंत में है, यानी पहले प्रखंड या अंचल कार्यालय, फिर जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग। हमने नंबर का प्रकाशित होना जांचा है, कॉल का अनुभव नहीं।

क्या मोबाइल नंबर या आधार नंबर से ऑनलाइन स्टेटस देख सकते हैं?

नहीं। 11 सितंबर 2026 को पोर्टल पर ऐसा कोई विकल्प नहीं मिला, न मोबाइल OTP से और न आधार नंबर से। विभाग बाद में जोड़े तो उसे केवल mmmsy.jharkhand.gov.in पर इस्तेमाल करें। किसी निजी फॉर्म में OTP या आधार न दें।

आवेदन और स्टेटस जांचने का कोई शुल्क है?

विभाग का आवेदन प्रपत्र निःशुल्क है। पोर्टल पर किसी status-check सेवा का शुल्क प्रकाशित नहीं मिला। एजेंट को भुगतान न करें। कार्यालय कोई शुल्क बताए तो उसकी लिखित दर और रसीद लें। RTI का वैधानिक शुल्क अलग है और राज्य के नियमों से तय होता है। BPL आवेदक मुक्त हैं।

e-KYC और सत्यापन में क्या अंतर है?

बैंक e-KYC खाते की पहचान और संचालन स्थिति से जुड़ा है। योजना सत्यापन आपके आवेदन और पात्रता से जुड़ा है, और उसका नतीजा सत्यापन प्रतिवेदन में लिखा जाता है। होमपेज आधार से जुड़ा एकल खाता अनिवार्य बताता है, पर अलग सार्वजनिक MMMSY e-KYC लिंक नहीं दिखाता।

क्या दूसरी सामाजिक सुरक्षा पेंशन के साथ यह लाभ मिल सकता है?

पोर्टल कहता है कि इसी विभाग की किसी अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना का लाभ पहले से लेने वाली आवेदिका पात्र नहीं होगी। यही बात फॉर्म के स्वघोषणा पत्र में भी है। अपने दूसरे लाभ का सही नाम बताकर कार्यालय से पुष्टि लें।

मंईयां सम्मान की rejected list या लाभार्थी सूची PDF कहाँ मिलेगी?

आधिकारिक पोर्टल पर नहीं। पोर्टल न लाभार्थी सूची प्रकाशित करता है और न कोई rejected list PDF, और 11 सितंबर 2026 को खोजने पर ऐसी फाइल नहीं मिली। जो आप सचमुच पा सकती हैं, वह अपनी फाइल का सत्यापन प्रतिवेदन है, जिसमें स्वीकृति संख्या और तिथि या अस्वीकृति का कारण होता है।

कार्यालय जवाब न दे तो क्या करें?

लिखित शिकायत देकर प्राप्ति लें। फिर जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग तथा टोल-फ्री नंबर तक बात पहुँचाएँ। उसके बाद राज्य लोक सूचना अधिकारी से धारा 6(1) के तहत रिकॉर्ड मांगें। उत्तर 30 दिन में आना चाहिए, न आए तो धारा 19(1) के तहत पहली अपील करें।

RTI किसे संबोधित करें, CPIO या SPIO?

झारखंड सरकार के प्रखंड, अंचल, जिला या राज्य कार्यालय के लिए राज्य लोक सूचना अधिकारी (SPIO/PIO) लिखें। CPIO केंद्रीय लोक प्राधिकरण के लिए होता है। पहले पता करें कि आपका रिकॉर्ड किस कार्यालय के पास है।

RTI में पूरा आधार या बैंक खाता नंबर लिखना चाहिए?

नहीं। रिकॉर्ड पहचानने के लिए पावती क्रमांक का इस्तेमाल करें और पूरा आधार, बैंक खाता या OTP न लिखें। कार्यालय को पहचान के लिए कुछ और चाहिए तो उसकी आधिकारिक प्रक्रिया पूछें।

RTI Wiki पर संबंधित गाइड

यहाँ वही गाइड हैं जो इस पेज के कदमों के बाद काम आती हैं।

आधिकारिक स्रोत

सभी स्रोत 11 सितंबर 2026 को देखे गए।

समीक्षा की सीमा। हमने हेल्पलाइन पर कॉल नहीं किया, किसी आवेदन का रिकॉर्ड नहीं देखा और किसी बैंक क्रेडिट की पुष्टि नहीं की। झारखंड के RTI शुल्क की दर का भरोसेमंद राज्य दस्तावेज़ और ₹1,000 से ₹2,500 की वृद्धि का आदेश, दोनों नहीं मिले, इसलिए यह पेज दोनों में से कुछ नहीं बताता। status फॉर्म और सूची वाली बातें 11 सितंबर 2026 की स्थिति हैं। यह सामान्य जानकारी है, कानूनी सलाह नहीं।

अंतिम समीक्षा: 11 सितंबर 2026।

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