Right to Information Wiki
हिन्दी RTI नमूना — सूचना का अधिकार आवेदन प्रारूप (2026)

हिन्दी आरटीआई आवेदन का तैयार नमूना — Section 6(1), Rs 10 शुल्क, 30 दिन की समय-सीमा, अपील का रास्ता. Hindi RTI sample with full citation pre-emption (2026).

हिन्दी RTI नमूना — सूचना का अधिकार आवेदन प्रारूप (2026)

Hindi RTI sample — RTI Wiki

⚠️ DPDP Rules, 2025 (14 Nov 2025) amended Section 8(1)(j) of the RTI Act — public-interest override now under Section 8(2). Read the note →

· 2026/04/19 05:02

Quick answer / सीधा उत्तर. सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 (RTI Act, 2005) के तहत हर भारतीय नागरिक किसी भी लोक प्राधिकरण (Public Authority) से जन सूचना अधिकारी (Public Information Officer / PIO) को हिन्दी या किसी भी अनुसूचित भाषा में आवेदन भेज सकता है। यह पृष्ठ एक तैयार हिन्दी RTI नमूना देता है जिसमें धारा 6(1) (आवेदन का अधिकार), धारा 7(1) (30 दिन की समय-सीमा), धारा 7(5) (BPL के लिए शुल्क-मुक्ति), धारा 10(1)/(2) (अंशदान-व्यवस्था), धारा 6(3) (गलत PIO से सही PIO को 5 दिन में स्थानांतरण), और धारा 8(2) (व्यापक सार्वजनिक हित में प्रकटीकरण) सब पहले से लिखे हैं। शुल्क केवल ₹10 है (BPL के लिए शून्य); भुगतान Indian Postal Order (IPO) / डिमांड ड्राफ्ट / ऑनलाइन rtionline.gov.in से। आवेदन Speed Post (Acknowledgement Due) से भेजें ताकि PIO के कार्यालय में पहुंचने का प्रमाण मिले। PIO को 30 दिन में जवाब देना अनिवार्य है (धारा 7(1)); 30 दिन के बाद चुप्पी एक deemed refusal / मानी हुई अस्वीकृति है (धारा 7(2)) — फिर धारा 19(1) के तहत First Appeal / प्रथम अपील 30 दिन में दर्ज करें। DPDP Rules 2025 (अधिसूचना 14 नवंबर 2025) के बाद धारा 8(1)(j) में निजी जानकारी पर सख्ती बढ़ी है — सार्वजनिक हित का तर्क अब केवल धारा 8(2) से चलता है। नीचे पूरा हिन्दी नमूना, उसका इस्तेमाल कैसे करें, असली केस-स्टडी (लक्ष्मी देवी, बक्सर — 38 दिन में PMAY की दूसरी किश्त), और 12 अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न दिए गए हैं।

इस नमूने को कैसे इस्तेमाल करें — 5 मिनट का काम

  1. सही PIO चुनें — विभाग का कार्यालय (व्यक्ति का नाम नहीं)। केंद्र सरकार के लिए: जन सूचना अधिकारी, [मंत्रालय / विभाग]। राज्य सरकार के लिए: जन सूचना अधिकारी, [विभाग, राज्य]
  2. विषय में अपना केस संदर्भ डालें — फ़ाइल नंबर, आवेदन क्रमांक, या तिथि-सीमा।
  3. 5–7 प्रश्न लिखें — हर प्रश्न एक अलग संख्या में। दस्तावेज़ की certified copy / प्रमाणित प्रति माँगें, राय नहीं।
  4. शुल्क मोड चुनें — IPO / Demand Draft / ऑनलाइन / BPL प्रमाण-पत्र (शुल्क-मुक्ति)।
  5. हस्ताक्षर + तिथि — Speed Post (AD) से भेजें या rtionline.gov.in पर ऑनलाइन जमा करें।

हिन्दी RTI आवेदन — पूर्ण नमूना

दिनांक: ____________________

रजिस्टर्ड डाक / Speed Post (AD) द्वारा

सेवा में,
जन सूचना अधिकारी,
[विभाग / कार्यालय का नाम],
[कार्यालय का पूरा पता],
[पिन कोड]

विषय: सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 6(1) के अंतर्गत
      आवेदन — [संक्षिप्त विषय, फ़ाइल / आवेदन क्रमांक]

महोदय / महोदया,

1. मैं [आपका पूरा नाम], आयु [____], पता [पूरा पता, पिन], भारत
   का नागरिक हूँ। मैं सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की
   धारा 6(1) सपठित धारा 3 के अंतर्गत यह आवेदन प्रस्तुत
   कर रहा / रही हूँ।

2. प्रकरण का संक्षिप्त विवरण (आवेदक के अपने शब्दों में):
   [_____________________________________________________
    _____________________________________________________
    _____________________________________________________]

3. वांछित सूचना:
   (क) [प्रश्न 1 — किसी विशिष्ट दस्तावेज़ की प्रमाणित प्रति
        अथवा "आज की तिथि की स्थिति"]
   (ख) [प्रश्न 2]
   (ग) [प्रश्न 3]
   (घ) [प्रश्न 4]
   (ङ) [प्रश्न 5]

4. शुल्क: रू. 10/- का आवेदन शुल्क [Indian Postal Order (IPO)
   क्रमांक _______ / Demand Draft क्रमांक _______ / ऑनलाइन
   प्राप्ति क्रमांक _______] के माध्यम से संलग्न है।
   [यदि BPL: मैं गरीबी रेखा से नीचे परिवार का सदस्य हूँ;
   धारा 7(5) के अंतर्गत शुल्क-मुक्ति के लिए BPL प्रमाण-पत्र
   की स्व-प्रमाणित प्रति संलग्न है।]

5. **अंशदान-व्यवस्था (Severability)**: यदि वांछित सूचना का कोई
   भाग धारा 8 के अंतर्गत छूट-योग्य है, तो शेष सूचना **धारा 10(1)**
   और **धारा 10(2)** के अंतर्गत प्रकट करते हुए कारण-सहित
   अंश-निर्णय आदेश पारित करने का कष्ट करें।

6. **स्थानांतरण (Transfer)**: यदि इस आवेदन का विषय आपके
   कार्यालय के क्षेत्राधिकार से बाहर है, तो कृपया **धारा 6(3)**
   के अंतर्गत 5 दिन के भीतर सही लोक प्राधिकरण को स्थानांतरित
   करें और मुझे विधिवत सूचित करें।

7. **धारा 8 के संभावित आपत्तियों का निवारण**:
   (क) यह आवेदन मेरे अपने प्रकरण से संबंधित है — धारा 8(1)(j)
       (निजता) लागू नहीं होती। संबंधित निर्णय: //भगत सिंह बनाम
       केंद्रीय सूचना आयुक्त//, दिल्ली उच्च न्यायालय
       W.P.(C) 3114/2007 — जब प्रकटीकरण किसी सार्वजनिक
       गतिविधि से संबंधित हो तो धारा 8(1)(j) लागू नहीं होती।
   (ख) यदि कोई भाग धारा 8(1)(d) (व्यापारिक गोपनीयता) या
       धारा 8(1)(e) (विश्वसनीय सम्बन्ध) के अंतर्गत दावा किया
       जाता है, तो **धारा 8(2)** के अंतर्गत सार्वजनिक हित का
       परीक्षण लागू होगा — //RBI बनाम जयन्तीलाल मिस्त्री//,
       (2016) 5 SCC 136।
   (ग) **DPDP अधिनियम 2023 की धारा 44(3) (अधिसूचना 14
       नवंबर 2025)** द्वारा संशोधित धारा 8(1)(j) में आंतरिक
       सार्वजनिक-हित प्रावधान अब हटा दिया गया है; अब
       सार्वजनिक हित केवल धारा 8(2) से कार्य करता है।

8. कृपया सूचना **धारा 7(1)** की 30 दिन की वैधानिक अवधि के
   भीतर मेरे उपरोक्त पते पर **रजिस्टर्ड डाक / Speed Post (AD)**
   द्वारा प्रेषित करें। 30 दिन की अवधि के पश्चात् मौन रहने
   को **धारा 7(2)** के अंतर्गत **मानी हुई अस्वीकृति** माना
   जाएगा और मैं **धारा 19(1)** के अंतर्गत प्रथम अपील
   प्रस्तुत करने का अधिकार सुरक्षित रखता / रखती हूँ।

धन्यवाद।

भवदीय / भवदीया,


([आपका पूरा नाम])

आवेदक के विवरण:
नाम:    [पूरा नाम]
पता:    [पूरा डाक पता]
दूरभाष: [10-अंकीय मोबाइल — वैकल्पिक]
ईमेल:   [वैकल्पिक]

संलग्नक: (1) रू. 10/- का IPO / DD / BPL प्रमाण-पत्र की प्रति;
        (2) पूर्व आवेदन / पावती की स्व-प्रमाणित प्रति
            (यदि कोई हो)।

→ या मैन्युअल लिखने के बजाय 🪄 AI RTI Drafter का इस्तेमाल करें — अपनी समस्या सरल भाषा में लिखें, 60 सेकंड में पूरा filing-ready पत्र मिलेगा। मुफ़्त, बिना लॉगिन।

→ या 🎤 AwaazRTI से हिन्दी / तमिल / बंगाली / तेलुगु / मराठी / गुजराती / कन्नड़ / पंजाबी / उड़िया / मलयालम / अंग्रेज़ी में बोलें — सिस्टम स्वत: टाइप कर देगा।

Real-life: कैसे लक्ष्मी देवी (बक्सर) ने 38 दिन में PMAY की दूसरी किश्त निकलवाई

लक्ष्मी देवी, बक्सर, बिहार की 41 वर्षीय दिहाड़ी मज़दूर। PMAY-G योजना में 2019 से अनुमोदित, मार्च 2023 में नींव-स्तर का जियो-टैग अपलोड हो चुका था। पहली किश्त रू. 25,000 जुलाई 2023 में आ गयी। फिर दो साल तक कुछ नहीं हुआ। दूसरी और तीसरी किश्त लटक गयी। तीन बार ब्लॉक कार्यालय गयीं, दो बार DM grievance day, एक CPGRAMS — सब बेकार।

उनके बेटे के दोस्त ने AI RTI Drafter से एक सटीक हिन्दी RTI तैयार किया। जन सूचना अधिकारी, खंड विकास अधिकारी (BDO), बक्सर को सात विशिष्ट प्रश्न पूछे गये:

  1. SECC 2011 श्रेणी
  2. AwaasSoft house ID + सभी geo-tag अपलोड के दिनांक + किसी भी अस्वीकृति का कारण
  3. पहली किश्त का बैंक UTR
  4. दूसरी / तीसरी किश्त रोकने का दर्ज कारण
  5. सत्यापन-शृंखला के सभी अधिकारियों के नाम + पदनाम
  6. Convergence निधि की स्थिति (MGNREGA, SBM-G, सौभाग्य, उज्ज्वला)
  7. धारा 8(1)(j) निवारण — सूचना मेरे अपने आवेदन की है
  • दिन 11: BDO का जवाब आया — बात उजागर हुई कि lintel-stage geo-tag को verification officer ने 14 May 2024 को rejected किया था क्योंकि फोटो धुंधली थी। लक्ष्मी को कभी बताया नहीं गया।
  • दिन 17: लक्ष्मी ने Awas Mitra के साथ साइट विज़िट की; नया geo-tag अपलोड; verification officer ने उसी दिन sign-off किया।
  • दिन 31: दूसरी किश्त रू. 50,000 आयी।
  • दिन 38: तीसरी किश्त की PFMS pipeline में मंज़ूरी।

कुल वसूली: रू. 75,000 + Saubhagya electricity connection convergence-fund के तौर पर। कुल लागत: ₹10 RTI शुल्क + ₹60 डाक खर्च। पूरा केस: PMAY status RTI guide

5 बातें जो हर RTI में होनी चाहिए — Hindi में

  1. दस्तावेज़ की प्रमाणित प्रति माँगें, “क्यों” नहीं। सूचना का अधिकार मौजूद रिकॉर्ड तक है, राय या व्याख्या तक नहीं। हर प्रश्न को “X की प्रमाणित प्रति” या “आज की तिथि पर X की स्थिति” के रूप में लिखें।
  2. विशिष्ट बनें — फ़ाइल नंबर, आवेदन क्रमांक, तिथि-सीमा शामिल करें। अस्पष्ट RTI धारा 6(2) में “request not specific” के रूप में वापस आ जाती है।
  3. एक प्रश्न प्रति अनुच्छेद — PIO के लिए निपटान आसान, गलत-मार्ग कम, FAA के लिए स्पष्ट।
  4. एक से अधिक कार्यालय → एक से अधिक RTI — अलग-अलग PIO को अलग-अलग आवेदन भेजें। एक ही आवेदन में कई कार्यालय बंडल करना “PIO does not hold this information” के साथ अस्वीकृत हो जाता है।
  5. धारा 10 अंशदान-व्यवस्था का उल्लेख ज़रूर करें — यदि कोई भाग छूट-योग्य है तब भी शेष भाग प्रकट होना चाहिए। यह नमूना उसे पहले से शामिल करता है।

शुल्क + भुगतान विधियाँ

माध्यम कैसे चुकाएं
Indian Postal Order (IPO) किसी भी डाकघर से रू. 10/- का IPO; “Accounts Officer / DDO / [प्राधिकरण]” के पक्ष में
Demand Draft (DD) राष्ट्रीयकृत बैंक से, रू. 10/- का; “Accounts Officer / DDO” के पक्ष में
ऑनलाइन (केंद्र सरकार) rtionline.gov.in पर UPI / नेट बैंकिंग / डेबिट कार्ड
राज्य पोर्टल जैसे rti.maharashtra.gov.in, rtigateway.karnataka.gov.in, rtionline.delhi.gov.in
Court-fee stamp जहाँ राज्य के RTI नियम अनुमति देते हों
नकद कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से जमा करें (पावती ज़रूर लें)
BPL छूट धारा 7(5) — BPL प्रमाण-पत्र की स्व-प्रमाणित प्रति संलग्न करें; शुल्क शून्य

दिन 30 के बाद — अपील का रास्ता

  • दिन 0: RTI Speed Post (AD) से भेजी।
  • दिन 1–5: यदि गलत PIO है तो धारा 6(3) के अंतर्गत 5 दिन में सही PIO को स्थानांतरण अनिवार्य।
  • दिन 30: PIO को सूचना देनी चाहिए या कारण-सहित अस्वीकृति।
  • दिन 31: कोई जवाब नहीं → deemed refusal / मानी हुई अस्वीकृति (धारा 7(2))। धारा 19(1) के अंतर्गत First Appeal 30 दिन में दर्ज करें — प्रथम अपीलीय प्राधिकारी (FAA) PIO से वरिष्ठ अधिकारी होता है।
  • दिन 31–60: FAA को 30 दिन में निर्णय (कारण रिकॉर्ड करते हुए 45 दिन तक)। FAA धारा 7(6) के अंतर्गत निःशुल्क सूचना का आदेश दे सकता है।
  • दिन 91+: यदि FAA भी विफल → केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) या राज्य सूचना आयोग (SIC) में Second Appeal धारा 19(3) के अंतर्गत 90 दिन में।

→ पूर्ण प्रक्रिया: First Appeal Section 19(1) full guide

⏰ Timeline Calculator दिन गिनने के लिए। ⚖ First Appeal Builder अपील-पत्र बनाने के लिए।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

क्या मुझे हिन्दी में RTI दाखिल करने का अधिकार है?

हाँ। RTI Act, 2005 की धारा 4(4) सपठित राज्य RTI नियमों के अंतर्गत हर भारतीय नागरिक हिन्दी या किसी भी अनुसूचित भाषा में आवेदन भेज सकता है। PIO को उसी भाषा में या अंग्रेज़ी में जवाब देना होगा।

शुल्क कितना है? क्या BPL को छूट मिलेगी?

केंद्र सरकार की public authority के लिए रू. 10/-। राज्य की पाब्लिक authority के लिए राज्य RTI नियम लागू होते हैं — अधिकांश राज्यों में रू. 10–50/-। BPL आवेदकों के लिए शून्य (धारा 7(5)) — BPL प्रमाण-पत्र की प्रति संलग्न करें।

मुझे जवाब कब तक मिलेगा?

30 दिन में (धारा 7(1))। यदि आवेदन गलत PIO को गया है तो उसे 5 दिन में सही PIO को स्थानांतरित करना है (धारा 6(3))।

अगर 30 दिन में जवाब नहीं आया तो क्या करें?

दिन 31 से deemed refusal (मानी हुई अस्वीकृति) धारा 7(2)। धारा 19(1) के अंतर्गत First Appeal 30 दिन में दर्ज करें। FAA PIO से वरिष्ठ अधिकारी होता है।

Online हिन्दी में RTI दाखिल कर सकते हैं?

केंद्र सरकार के लिए: rtionline.gov.in हिन्दी interface में पूरी तरह काम करता है। राज्य पोर्टल (Maharashtra, Karnataka, Delhi, Tamil Nadu) क्षेत्रीय भाषा भी समर्थन करते हैं।

क्या मैं किसी और के बारे में सूचना माँग सकता / सकती हूँ?

सीमित। धारा 8(1)(j) (निजता) अब DPDP Rules 2025 के बाद और सख्त है। यदि सूचना सार्वजनिक गतिविधि से संबंधित है (भर्ती, सरकारी फंड, सार्वजनिक पद) तो धारा 8(2) सार्वजनिक हित के तर्क पर मांगी जा सकती है।

क्या PIO मुझसे "क्यों चाहिए" पूछ सकता है?

नहीं। धारा 6(2) स्पष्ट रूप से कारण पूछने पर रोक लगाती है (केवल आपसे संपर्क के सीमित प्रयोजन को छोड़कर)। PIO द्वारा “कोई कारण नहीं दिया गया” के आधार पर अस्वीकृति स्वयं अपील-योग्य है।

क्या मुझे प्रत्येक पृष्ठ का शुल्क देना होगा?

अतिरिक्त शुल्क: रू. 2/- प्रति A4 पृष्ठ। PIO आगे का शुल्क बताएगा (धारा 7(3)); अनुचित शुल्क का सामना धारा 7(5) reasonable proviso + धारा 19(1) अपील से करें।

यदि PIO कहे कि "जानकारी धारा 8(1)(d) के अंतर्गत व्यापारिक गोपनीयता है"?

विशिष्ट उप-धारा की मांग करें। PIO को speaking order (कारण-सहित आदेश) देना ज़रूरी है — भगत सिंह बनाम CIC, दिल्ली उच्च न्यायालय 2008। यदि गलत है तो धारा 19(1) में अपील करें। PIO Reply Checker का उपयोग करें।

क्या एक राज्य की public authority के लिए दूसरे राज्य से RTI भेज सकते हैं?

हाँ। RTI Act भारत-व्यापी है। शुल्क उस राज्य के नियमों के अनुसार होगा जहाँ public authority स्थित है।

क्या मैं Speed Post के बजाय कुरियर इस्तेमाल कर सकता / सकती हूँ?

नहीं — Speed Post (AD) ही प्रयोग करें। India Post की Acknowledgement Due कार्ड CIC आदेशों में स्वीकार्य प्रमाण है। निजी कुरियर delivery प्रमाण के रूप में अधिकांश आदेशों में स्वीकार नहीं किया जाता।

क्या PMJDY / निजी बैंक / NGO को RTI भेज सकते हैं?

ज़्यादातर निजी संस्थाएं public authority नहीं हैं। लेकिन यदि वे सरकारी योजना (PMJDY, PMJJBY, MUDRA, PMAY-CLSS) के रिकॉर्ड रखते हैं, तो धारा 2(f) के अंतर्गत वह public authority के माध्यम से प्राप्य है।

Citizen-action checklist (हिन्दी)

  1. [ ] सही PIO की पहचान (विभाग, कार्यालय का पता)
  2. [ ] 5–7 विशिष्ट प्रश्न (दस्तावेज़-केंद्रित, “क्यों” नहीं)
  3. [ ] फ़ाइल / आवेदन क्रमांक + तिथि-सीमा
  4. [ ] ₹10 IPO / DD / online receipt / BPL प्रमाण-पत्र
  5. [ ] Speed Post (AD) tracking number सुरक्षित
  6. [ ] Calendar पर 30-दिन reminder
  7. [ ] Day 31 का First Appeal letter तैयार (First Appeal Builder)
  8. [ ] सभी पावती + AD card एक folder में

Sources

  • सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 (अधिनियम संख्या 22 / 2005) — धाराएँ 6, 7, 8, 10, 11, 19, 20
  • सूचना का अधिकार (शुल्क और लागत के विनियमन) नियम, 2005 — केंद्र सरकार
  • सूचना का अधिकार नियम, 2012 — केंद्र (अपील शुल्क + प्रारूप)
  • DPDP अधिनियम, 2023 की धारा 44(3) (अधिसूचना 14 नवंबर 2025) — RTI धारा 8(1)(j) में संशोधन
  • भगत सिंह बनाम केंद्रीय सूचना आयुक्त, दिल्ली उच्च न्यायालय W.P.(C) 3114/2007 — speaking order आवश्यक
  • CBSE बनाम आदित्य बंदोपाध्याय, (2011) 8 SCC 497 — answer-script disclosure
  • भारतीय रिज़र्व बैंक बनाम जयन्तीलाल मिस्त्री, (2016) 5 SCC 136 — सार्वजनिक हित override
  • के.एस. पुट्टस्वामी बनाम भारत संघ, (2017) 10 SCC 1 — निजता मौलिक अधिकार
  • rtionline.gov.in — केंद्र सरकार का ऑनलाइन RTI पोर्टल (हिन्दी interface उपलब्ध)
  • हेल्पलाइन: 1800-180-1855 (कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग, DoPT)

Download

rti-hindi-format.pdf

{REVIEWED}

Last reviewed: 4 May 2026 — RTI Wiki editorial team. सभी उद्धरण RTI अधिनियम 2005 + RTI नियम 2012 + DPDP अधिनियम 2023 + DPDP नियम 2025 (14 नवंबर 2025 से प्रभावी) + CIC / SC / HC आदेशों से 4 मई 2026 तक सत्यापित।