TAFCOP पर अपने नाम के SIM कार्ड कैसे जांचें — हिंदी गाइड 2026

TAFCOP पोर्टल की स्क्रीन पर किसी नागरिक के नाम पर जारी मोबाइल कनेक्शन की सूची और अनजान नंबर की रिपोर्ट करने का विकल्प

छोटा जवाब: आधिकारिक TAFCOP पोर्टल tafcop.sancharsaathi.gov.in खोलें, अपना चालू मोबाइल नंबर डालें और OTP से लॉगिन करें। स्क्रीन पर आपके नाम पर जारी मोबाइल कनेक्शन की सूची आ जाएगी। जो नंबर आपने नहीं लिया, उस पर This is not my number चुनकर Report दबाएँ। यह पेज सिर्फ़ नागरिक मार्गदर्शन है — यह कोई सरकारी, दूरसंचार या TAFCOP वेबसाइट नहीं है।

अपने नाम पर चल रहे मोबाइल कनेक्शन जांचने में दो मिनट लगते हैं और इसका कोई शुल्क नहीं है। सरकार का TAFCOP पोर्टल आपको सिर्फ़ इतना दिखाता है कि इस समय आपके नाम पर कितने मोबाइल कनेक्शन जारी हैं और वे कौन-कौन से हैं। अगर सूची में कोई ऐसा नंबर मिलता है जो आपने कभी नहीं लिया, तो उसी स्क्रीन से आप उसे रिपोर्ट कर सकते हैं, और उस नंबर को जारी करने वाली टेलीकॉम कंपनी उसकी दोबारा जांच शुरू करती है।

अपने नाम पर चल रहे SIM कार्ड अभी जांचें

① आधिकारिक TAFCOP/Sanchar Saathi पोर्टल खोलें।

② अपना चालू mobile number डालें और उसी नंबर पर आए OTP से लॉगिन करें।

③ सूची में कोई अनजान नंबर दिखे तो ठीक से जांचकर This is not my number विकल्प चुनें और Report दबाएँ।

आधिकारिक TAFCOP पोर्टल खोलें →

क्या चाहिए: एक चालू mobile number, उस फोन तक पहुंच, और OTP प्राप्त करने की सुविधा। कोई शुल्क नहीं, कोई दस्तावेज़ अपलोड नहीं।

यह स्वतंत्र नागरिक मार्गदर्शिका है। RTI Wiki कोई सरकारी, दूरसंचार या TAFCOP वेबसाइट नहीं है और यहां mobile number, Aadhaar या OTP दर्ज नहीं करना है।

इस पेज पर

TAFCOP और Sanchar Saathi आख़िर हैं क्या

Sanchar Saathi भारत सरकार के दूरसंचार विभाग (Department of Telecommunications, संक्षेप में DoT) का नागरिक पोर्टल है। इस पर छह सेवाएँ हैं — Chakshu (संदिग्ध ठगी वाले कॉल/SMS की रिपोर्ट), CEIR (खोया या चोरी हुआ हैंडसेट ब्लॉक करना), TAFCOP, KYM (हैंडसेट असली है या नहीं), RICWIN (भारतीय नंबर दिखाकर आने वाली अंतरराष्ट्रीय कॉल की रिपोर्ट) और Know Your ISP।

TAFCOP इनमें से वह सेवा है जिसका आधिकारिक नाम ही है — Know mobile connections in your name, यानी “अपने नाम पर मोबाइल कनेक्शन जानें”। पोर्टल के अपने शब्दों में यह सेवा ग्राहक को यह देखने देती है कि उसके नाम पर कितने मोबाइल कनेक्शन लिए गए हैं, और जो कनेक्शन उसने नहीं लिए या अब नहीं चाहिए, उन्हें रिपोर्ट करने देती है।

एक ग़लतफ़हमी पहले ही दूर कर लें. TAFCOP “आधार से जुड़े SIM” दिखाने वाला पोर्टल नहीं है। इसकी आधिकारिक भाषा है — आपके नाम पर जारी मोबाइल कनेक्शन। पोर्टल न आपसे Aadhaar नंबर मांगता है, न आपका Aadhaar विवरण दिखाता है। लॉगिन सिर्फ़ मोबाइल नंबर और OTP से होता है। जो वेबसाइट आपसे “आधार डालकर SIM देखें” कहे, उससे दूर रहें।

एक बात और, जो लोग अक्सर पूछते हैं: भारत में एक व्यक्ति अधिकतम 9 मोबाइल कनेक्शन ले सकता है (सभी कंपनियों को मिलाकर)। जम्मू-कश्मीर, असम और पूर्वोत्तर राज्यों के ग्राहकों के लिए यह सीमा 6 है। यह सीमा Sanchar Saathi पोर्टल पर ही बताई गई है।

अपने नाम के मोबाइल कनेक्शन कैसे जांचें

  1. पोर्टल खोलें। किसी भी फोन या कंप्यूटर के ब्राउज़र में tafcop.sancharsaathi.gov.in खोलें। पता ख़ुद टाइप करें, किसी मैसेज में आए लिंक से न जाएँ।
  2. मोबाइल नंबर डालें। अपना 10 अंकों का ऐसा नंबर डालें जो अभी चालू है और आपके अपने नाम पर है।
  3. OTP से लॉगिन करें। उसी नंबर पर OTP आएगा। उसे स्क्रीन पर ख़ुद डालें। यह OTP किसी को फोन पर न बताएँ — पोर्टल कभी किसी से OTP पूछकर नहीं बुलवाता।
  4. सूची पढ़ें। लॉगिन के बाद आपके नाम पर जारी मोबाइल कनेक्शन की सूची दिखेगी। हर पंक्ति में एक नंबर होता है।
  5. मिलान करें। सूची के हर नंबर को अपने असल इस्तेमाल से मिलाइए — अपना मुख्य नंबर, डेटा वाला दूसरा नंबर, घर के किसी सदस्य का वह नंबर जो आपने अपने नाम पर लिया था, पुराना बंद पड़ा नंबर।

अगर आपके नाम पर एक से ज़्यादा नंबर हैं, तो हर नंबर से अलग-अलग लॉगिन करके देखना बेहतर है। एक ही लॉगिन में सब कुछ दिख जाए, यह ज़रूरी नहीं।

Sanchar Saathi का मोबाइल ऐप भी है, जो Google Play Store और Apple App Store पर उपलब्ध है। ऐप हमेशा इन्हीं आधिकारिक स्टोर से लें — किसी APK फाइल या WhatsApp पर आए लिंक से नहीं। ऐप के बारे में विस्तार से Sanchar Saathi ऐप गाइड में पढ़ें।

सूची में नंबर दिखे तो तीन में से कौन सा रास्ता चुनें

यही वह जगह है जहाँ ज़्यादातर लोग उलझते हैं। ग़लत विकल्प चुनने से या तो कार्रवाई हल्की हो जाती है, या आपका अपना चालू नंबर बंद होने के रास्ते पर चला जाता है। तीन स्थितियाँ हैं:

आपकी स्थिति पोर्टल पर क्या चुनें इसका असर
नंबर मेरा है और चाहिए कुछ न करें कोई कार्रवाई शुरू नहीं होती। यही डिफ़ॉल्ट है।
नंबर मेरा है पर अब नहीं चाहिए (पुराना, बंद पड़ा, किसी परिजन के लिए लिया था) Not required कनेक्शन दोबारा जांच के लिए भेजा जाता है और जांच में विफल रहने पर बंद कर दिया जाता है।
यह मेरा नंबर ही नहीं है (आपने कभी लिया ही नहीं) This is not my number यही असली पहचान-दुरुपयोग वाला विकल्प है। कनेक्शन दोबारा जांच के लिए भेजा जाता है।

विकल्प चुनने के बाद Report बटन दबाना ज़रूरी है, वरना रिपोर्ट दर्ज नहीं होती।

पहले ठहरकर सोचें, फिर रिपोर्ट करें. कोई नंबर आपको इसलिए अनजान लग सकता है क्योंकि वह सालों पुराना है, या आपने वह SIM किसी बुज़ुर्ग परिजन के लिए अपने नाम पर लिया था और भूल गए। घर में एक बार पूछ लीजिए। अनजान लगना और फ़र्ज़ी होना — दोनों एक बात नहीं हैं।

रिपोर्ट करने के बाद असल में क्या होता है

रिपोर्ट करते ही नंबर तुरंत बंद नहीं होता। होता यह है कि वह कनेक्शन re-verification (दोबारा पहचान जांच) के लिए चिह्नित हो जाता है और आपकी नहीं, बल्कि उस नंबर को जारी करने वाली टेलीकॉम कंपनी की ज़िम्मेदारी बनती है कि वह जांच करे।

Sanchar Saathi के अनुसार re-verification में कंपनी उस समय के ग्राहक की पहचान अपने रिकॉर्ड से मिलाती है — ग्राहक की तस्वीर और उसका पहचान प्रमाण (Proof of Identity) मौजूदा रिकॉर्ड से मिलाए जाते हैं। ज़रूरी नहीं कि वही दस्तावेज़ दोबारा देना पड़े जो कनेक्शन लेते समय दिया गया था; कोई भी निर्धारित पहचान दस्तावेज़ चलता है।

आधिकारिक समयसीमा इस तरह बताई गई है:

  • बाहर जाने वाली सेवाएँ (outgoing) 30 दिन के भीतर बंद की जाती हैं।
  • आने वाली सेवाएँ (incoming) 45 दिन के भीतर बंद की जाती हैं।
  • जो कनेक्शन re-verification में विफल हो जाए, उसे 60 दिन के भीतर काट दिया जाता है।

इसके साथ एक शर्त भी दर्ज है: अगर उस नंबर का ग्राहक अंतरराष्ट्रीय रोमिंग पर है, शारीरिक रूप से दिव्यांग है, या अस्पताल में भर्ती है, तो इन कामों के लिए 30 दिन अतिरिक्त दिए जा सकते हैं।

यह ध्यान रखें: रिपोर्ट करने का मतलब यह नहीं है कि नंबर ज़रूर कट जाएगा। नंबर तभी काटा जाता है जब वह दोबारा पहचान जांच में विफल हो। अगर उस नंबर का ग्राहक वैध पहचान दिखा देता है, तो कनेक्शन चालू रह सकता है। ऊपर लिखी 30/45/60 दिन की समयसीमा प्रक्रिया की समयसीमा है, किसी नतीजे की गारंटी नहीं।

कौन से सबूत अभी सहेज लें

रिपोर्ट करते ही, स्क्रीन बंद करने से पहले यह सब सहेज लीजिए। बाद में शिकायत आगे बढ़ानी पड़े या RTI लगानी पड़े, तो यही काम आता है।

  • पोर्टल पर दिखी पुष्टि या संदर्भ संख्या। रिपोर्ट जमा होने के बाद स्क्रीन पर जो भी पुष्टि संदेश, टिकट या reference ID दिखे, उसका स्क्रीनशॉट तुरंत ले लें। पेज बंद करने के बाद वह दोबारा मिलेगा, यह मानकर न चलें।
  • तारीख़ और समय। आपने किस दिन, किस समय रिपोर्ट की — एक कागज़ या नोट्स ऐप में लिख लें।
  • कनेक्शन की सूची का स्क्रीनशॉट। पूरी सूची, जिसमें वह अनजान नंबर दिख रहा हो।
  • ऑपरेटर का नाम। सूची में उस नंबर के आगे जो कंपनी लिखी है (Jio, Airtel, Vi, BSNL आदि)।
  • कोई भी लिखित पावती। अगर आप कस्टमर केयर पर या ईमेल से भी शिकायत करते हैं, तो उनकी शिकायत संख्या और लिखित जवाब सहेजें।

स्क्रीनशॉट सार्वजनिक न करें. इनमें आपका पूरा मोबाइल नंबर दिखता है। इन्हें X, Facebook, Instagram या किसी सार्वजनिक WhatsApp ग्रुप में पोस्ट न करें। ये सिर्फ़ आपके अपने रिकॉर्ड के लिए हैं, और ज़रूरत पड़ने पर आधिकारिक शिकायत के साथ लगाने के लिए।

अगर पैसा जा चुका है या ठगी हो चुकी है

TAFCOP एक बचाव का साधन है, नुक़सान की भरपाई का नहीं। अगर आपके नाम के किसी कनेक्शन से पहले ही ठगी हो चुकी है, या आपके खाते से पैसा निकल गया है, तो TAFCOP पर रिपोर्ट करना काफ़ी नहीं है। साथ-साथ यह भी करें:

  1. 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत करें। Sanchar Saathi ख़ुद कहता है कि Chakshu वित्तीय ठगी या साइबर अपराध की शिकायत का माध्यम नहीं है — पैसा गँवाने या साइबर अपराध की स्थिति में साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 या cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट करें। क्या-क्या बताना है, यह 1930 हेल्पलाइन स्क्रिप्ट में देखें।
  2. बैंक को तुरंत बताएँ। जिस खाते या UPI से जुड़ा नंबर है, उस बैंक को तुरंत सूचित करें। आगे की प्रक्रिया UPI ठगी में पैसा वापसी गाइड में है।
  3. पुलिस में शिकायत दर्ज कराएँ। आपात स्थिति या साइबर के अलावा किसी अपराध के लिए स्थानीय पुलिस से संपर्क करें — राष्ट्रीय पुलिस हेल्पलाइन 112 है, महिला हेल्पलाइन 181 है।
  4. सारे सबूत एक जगह रखें। TAFCOP का स्क्रीनशॉट, बैंक के संदेश, FIR संख्या और शिकायत संख्या — सब एक फ़ोल्डर में।

अगर आपके अपने नंबर का ही SIM किसी और ने बदलवा लिया है, तो वह अलग समस्या है — देखें SIM स्वैप ठगी से उबरने की गाइड और SIM बंद होने, स्वैप और KYC सुधार की गाइड

ग़लती से अपना ही नंबर रिपोर्ट कर दिया तो

ऐसा होता है, और इसका आधिकारिक रास्ता मौजूद है। Sanchar Saathi पर Reconnect My Number नाम की सुविधा है, जिससे कटे हुए नंबर को दोबारा चालू कराने का अनुरोध किया जा सकता है। पोर्टल पर इसकी शर्तें साफ़ लिखी हैं:

  • अनुरोध नंबर कटने के 90 दिन के भीतर ही किया जा सकता है।
  • सिर्फ़ वही नंबर, जो TAFCOP या DIU द्वारा काटे गए हों।
  • हर मोबाइल नंबर के लिए यह अनुरोध सिर्फ़ एक बार उपलब्ध है।

फ़ॉर्म में कारण चुनने का विकल्प मिलता है, जिसमें “मैंने ग़लती से अपना नंबर रिपोर्ट कर दिया और समय पर वापस नहीं ले सका” और “किसी और ने मेरा नंबर रिपोर्ट कर दिया” जैसे विकल्प शामिल हैं। सुविधा यहाँ है: Sanchar Saathi — Reconnect My Number

एक और बात जो पोर्टल पर दर्ज है: मोबाइल कनेक्शन हस्तांतरित नहीं किया जा सकता। यानी किसी और के नाम का चालू नंबर आप अपने नाम पर नहीं करा सकते और न ही अपना नंबर किसी और के नाम कर सकते हैं।

जवाब न मिले तो आगे कहाँ जाएँ

अगर रिपोर्ट के बाद लंबे समय तक कुछ नहीं होता, तो ये रास्ते हैं:

  1. अपनी टेलीकॉम कंपनी की शिकायत प्रक्रिया। पहले उसी कंपनी के ग्राहक सेवा में लिखित शिकायत दर्ज कराएँ और शिकायत संख्या लें।
  2. TRAI का TCCMS। tccms.trai.gov.in पर आप अपनी दर्ज शिकायत की स्थिति देख सकते हैं और अपनी कंपनी का शिकायत केंद्र तथा appellate authority (अपीलीय अधिकारी) का पता लगा सकते हैं। ध्यान रहे, TRAI ख़ुद इस पोर्टल पर शिकायत दर्ज नहीं करता — TRAI का अपना कहना है कि ग्राहक शिकायतों को हल करने की मुख्य ज़िम्मेदारी सेवा प्रदाता कंपनी की है, TRAI की नहीं।
  3. दूरसंचार विभाग (DoT)। नीति और कार्रवाई से जुड़े सवालों के लिए dot.gov.in
  4. RTI। नीचे देखें — यह हर मामले में सही औज़ार नहीं है।

RTI कब काम आती है और कब नहीं

सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 सिर्फ़ लोक प्राधिकरण (public authority) पर लागू होता है। दूरसंचार विभाग (DoT) भारत सरकार का विभाग है, इसलिए उससे RTI के ज़रिए सूचना मांगी जा सकती है। लेकिन Jio, Airtel और Vi जैसी निजी कंपनियाँ सामान्यतः लोक प्राधिकरण नहीं हैं — उन्हें सीधे RTI नहीं लगाई जा सकती।

इसलिए RTI इन सवालों के लिए उपयोगी है:

  • मेरी TAFCOP रिपोर्ट पर विभाग के स्तर पर अब तक क्या कार्रवाई की गई?
  • रिपोर्ट किए गए कनेक्शन के बारे में विभाग को सेवा प्रदाता से क्या सूचना प्राप्त हुई?
  • मेरी शिकायत किस अधिकारी के पास है और उसकी वर्तमान स्थिति क्या है?

और इन सवालों के लिए उपयोगी नहीं है:

  • “मेरे नाम पर SIM किसने लिया” — यह किसी तीसरे व्यक्ति की निजी जानकारी है और निजी कंपनी के पास है।
  • पैसे की वापसी — उसके लिए 1930 और बैंक वाला रास्ता है, RTI नहीं।

काम की बातें: केंद्रीय लोक प्राधिकरण को RTI आवेदन के साथ ₹10 शुल्क लगता है (सूचना का अधिकार नियम, 2012 का नियम 3)। जवाब 30 दिन में देना होता है (धारा 7(1)); जीवन या स्वतंत्रता से जुड़े मामले में 48 घंटे में। अगर आवेदन ग़लत विभाग में चला जाए, तो उसे 5 दिन के भीतर सही विभाग को भेजना होता है (धारा 6(3))। ऑनलाइन आवेदन rtionline.gov.in पर किया जा सकता है।

आवेदन लिखने का तरीक़ा RTI क्या है — हिंदी गाइड और असरदार RTI आवेदन कैसे लिखें में है। समयसीमा और अपील के लिए RTI की 30 दिन की समयसीमा और पहली अपील कैसे करें देखें।

आम ग़लतियाँ और निजता की चेतावनी

  • मिलते-जुलते नाम वाली नकली वेबसाइट। आधिकारिक पता सिर्फ़ tafcop.sancharsaathi.gov.in है। जो साइट आपसे Aadhaar नंबर, जन्मतिथि या OTP सीधे मांगे, वह नकली है।
  • किसी को OTP बताना। OTP आपके अपने नंबर पर आता है और आपको ही स्क्रीन पर डालना होता है। कोई सरकारी कर्मचारी फोन पर OTP नहीं पूछता।
  • “Not required” और “This is not my number” को एक समझ लेना। पहला उन नंबरों के लिए है जो आपके अपने हैं पर अब नहीं चाहिए। दूसरा उन नंबरों के लिए जो आपने कभी लिए ही नहीं।
  • पुष्टि का स्क्रीनशॉट न लेना। पेज बंद कर देने के बाद वह जानकारी दोबारा आसानी से नहीं मिलती।
  • यह मान लेना कि TAFCOP आधार-लिंक दिखाता है। नहीं दिखाता। वह आपके नाम पर जारी कनेक्शन दिखाता है, आपका Aadhaar विवरण नहीं।
  • रिपोर्ट करके भूल जाना। 60 दिन प्रक्रिया की बाहरी सीमा है, नतीजे की तारीख़ नहीं। बीच-बीच में पोर्टल पर लॉगिन करके देखते रहें।
  • घर में पूछे बिना रिपोर्ट कर देना। अपना ही पुराना नंबर रिपोर्ट कर देने पर उसे वापस चालू कराने में 90 दिन की सीमा और एक ही मौका मिलता है।
  • यह सोचना कि यह हर तरह की ठगी रोक देगा। अगर कोई आपके अपने नंबर का डुप्लीकेट SIM ले ले, तो वह अलग समस्या है — SIM स्वैप गाइड देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

TAFCOP पर SIM जांचने का कोई शुल्क है?

नहीं। लॉगिन करना, अपने नाम पर जारी कनेक्शन देखना और किसी नंबर की रिपोर्ट करना — तीनों निःशुल्क हैं। इसके लिए सिर्फ़ एक चालू मोबाइल नंबर चाहिए जिस पर OTP आ सके। कोई दस्तावेज़ अपलोड नहीं करना पड़ता।

क्या TAFCOP मेरे आधार से जुड़े सभी SIM दिखाता है?

नहीं, और यह सबसे आम ग़लतफ़हमी है। पोर्टल की आधिकारिक भाषा है — आपके नाम पर लिए गए मोबाइल कनेक्शन। लॉगिन मोबाइल नंबर और OTP से होता है, Aadhaar से नहीं, और पोर्टल आपका Aadhaar विवरण नहीं दिखाता। अगर कोई वेबसाइट “आधार डालकर SIM देखें” कहे, तो वह आधिकारिक नहीं है।

एक व्यक्ति के नाम पर कितने मोबाइल कनेक्शन हो सकते हैं?

Sanchar Saathi पोर्टल के अनुसार भारत में एक व्यक्ति सभी दूरसंचार कंपनियों को मिलाकर अधिकतम 9 मोबाइल कनेक्शन ले सकता है। जम्मू-कश्मीर, असम और पूर्वोत्तर राज्यों के ग्राहकों के लिए यह सीमा 6 है।

"This is not my number" चुनने के बाद नंबर कब बंद होगा?

पक्की तारीख़ कोई नहीं बता सकता, क्योंकि नंबर तभी काटा जाता है जब वह दोबारा पहचान जांच में विफल हो। आधिकारिक समयसीमा यह है — 30 दिन में outgoing सेवाएँ, 45 दिन में incoming सेवाएँ बंद, और जांच में विफल कनेक्शन 60 दिन में काट दिया जाता है। ग्राहक के अंतरराष्ट्रीय रोमिंग पर होने, दिव्यांग होने या अस्पताल में भर्ती होने पर 30 दिन अतिरिक्त दिए जा सकते हैं।

मैंने ग़लती से अपना ही चालू नंबर रिपोर्ट कर दिया, अब क्या करूँ?

Sanchar Saathi पर Reconnect My Number सुविधा से दोबारा चालू कराने का अनुरोध करें। शर्तें हैं — नंबर कटने के 90 दिन के भीतर, सिर्फ़ TAFCOP या DIU द्वारा काटे गए नंबरों के लिए, और हर नंबर के लिए यह अनुरोध केवल एक बार। फ़ॉर्म में “मैंने ग़लती से रिपोर्ट कर दिया” वाला कारण चुनने का विकल्प मौजूद है।

क्या कोई और मेरे नंबर की रिपोर्ट करके उसे बंद करा सकता है?

पोर्टल पर रिपोर्ट करने के लिए उस मोबाइल नंबर पर आए OTP से लॉगिन करना पड़ता है, इसलिए आपके फोन तक पहुंच के बिना कोई आपके नाम की सूची नहीं खोल सकता। फिर भी, अगर आपका नंबर बंद हो जाए तो Reconnect My Number फ़ॉर्म में “किसी और ने मेरा नंबर रिपोर्ट कर दिया” कारण चुनने का विकल्प दिया गया है।

TAFCOP और CEIR में क्या अंतर है?

TAFCOP आपके नाम पर जारी मोबाइल कनेक्शन दिखाता और रिपोर्ट कराता है — यानी SIM और पहचान से जुड़ा मामला। CEIR खोए या चोरी हुए हैंडसेट को IMEI नंबर से ब्लॉक करने के लिए है — यानी फोन से जुड़ा मामला। दोनों Sanchar Saathi पर ही हैं। फोन खो जाने पर खोया या चोरी SIM और हैंडसेट ब्लॉक करने की गाइड देखें।

पैसा जा चुका है, तो क्या TAFCOP पर रिपोर्ट करना काफ़ी है?

नहीं। Sanchar Saathi ख़ुद स्पष्ट करता है कि उसका Chakshu मंच वित्तीय ठगी या साइबर अपराध की शिकायत के लिए नहीं है। पैसा गँवाने की स्थिति में साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें, और अपने बैंक को तुरंत सूचित करें।

ठगी वाले कॉल और SMS की रिपोर्ट कहाँ करें?

उसके लिए Sanchar Saathi पर अलग सेवा है — Chakshu, जो संदिग्ध ठगी वाले कॉल, SMS और अनचाहे व्यावसायिक संदेशों की रिपोर्ट के लिए है। विस्तार से Chakshu पर ठगी वाले कॉल और SMS की रिपोर्ट कैसे करें देखें।

मुझे कितनी बार TAFCOP देखना चाहिए?

कोई अनिवार्य नियम नहीं है। पर जब भी आपने कहीं KYC के लिए पहचान दस्तावेज़ दिया हो, नया कनेक्शन लिया हो, या किसी रिटेलर के पास दस्तावेज़ की फोटोकॉपी छोड़ी हो — उसके बाद एक बार देख लेना समझदारी है। जांच में दो मिनट लगते हैं और शुल्क कुछ नहीं।

आपके अगले 15 मिनट — प्रिंट करने योग्य चेकलिस्ट

इस सूची को प्रिंट कर लें या फोन में नोट बना लें, और एक-एक करके निपटाएँ।

  • [ ] ब्राउज़र में tafcop.sancharsaathi.gov.in ख़ुद टाइप करके खोलें।
  • [ ] अपना चालू मोबाइल नंबर डालें, OTP ख़ुद स्क्रीन पर डालें, किसी को न बताएँ।
  • [ ] पूरी सूची का स्क्रीनशॉट लें (सार्वजनिक कहीं पोस्ट न करें)।
  • [ ] हर नंबर को अपने असल इस्तेमाल से मिलाएँ; अनजान लगे तो पहले घर में पूछें।
  • [ ] जो नंबर आपने कभी नहीं लिया — This is not my number चुनें और Report दबाएँ।
  • [ ] जो नंबर आपका है पर अब नहीं चाहिए — Not required चुनें और Report दबाएँ।
  • [ ] पुष्टि/संदर्भ संख्या का स्क्रीनशॉट लें; तारीख़, समय और ऑपरेटर का नाम लिख लें।
  • [ ] अगर पैसा गया है — 1930 पर कॉल करें और बैंक को अभी सूचित करें।
  • [ ] कैलेंडर में 30, 45 और 60 दिन पर अनुस्मारक लगाएँ और स्थिति देखने के लिए दोबारा लॉगिन करें।
  • [ ] 60 दिन बाद भी कुछ न हो — कंपनी में लिखित शिकायत करें, फिर TCCMS और ज़रूरत हो तो DoT को RTI।

अगर आप शिकायत को औपचारिक रूप से आगे बढ़ाना चाहते हैं और चाहते हैं कि कागज़ी कार्रवाई ऐसी हो जिसे अनदेखा न किया जा सके, तो The RTI Playbook पूरी प्रक्रिया क्रमवार समझाती है।

आधिकारिक स्रोत

  • TAFCOP पोर्टल, दूरसंचार विभाग: tafcop.sancharsaathi.gov.in — अपने नाम पर जारी मोबाइल कनेक्शन देखने और रिपोर्ट करने की आधिकारिक जगह। 19 अगस्त 2026 को जांचा गया।
  • Sanchar Saathi पोर्टल, संचार मंत्रालय, दूरसंचार विभाग: sancharsaathi.gov.in — 9 और 6 कनेक्शन की सीमा, रिपोर्ट करने के चरण, re-verification की प्रक्रिया और 30/45/60 दिन की समयसीमा इसी पोर्टल के आधिकारिक प्रश्नोत्तर से ली गई है। 19 अगस्त 2026 को जांचा गया।
  • Sanchar Saathi — Reconnect My Number: कटे नंबर को दोबारा चालू कराने का आधिकारिक फ़ॉर्म — 90 दिन की सीमा और एक बार की शर्त इसी पेज पर दर्ज है। 19 अगस्त 2026 को जांचा गया।
  • राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल: cybercrime.gov.in और हेल्पलाइन 1930।
  • दूरसंचार विभाग (DoT), भारत सरकार: dot.gov.in
  • TRAI — Telecom Consumers Complaint Monitoring System: tccms.trai.gov.in
  • सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 — धारा 6(3) और 7(1) का पाठ अधिनियम के आधिकारिक अंग्रेज़ी पाठ से जांचा गया। हिंदी में पढ़ने के लिए अधिनियम का आधिकारिक हिंदी पाठ देखें (दोनों कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की RTI वेबसाइट पर; हिंदी संस्करण स्कैन किया हुआ है)।
  • सूचना का अधिकार नियम, 2012, नियम 3 (₹10 आवेदन शुल्क): G.S.R. 603(E), भारत का राजपत्र
  • ऑनलाइन RTI आवेदन: rtionline.gov.in

इस लेख के बारे में

यह जानकारी कहाँ से आई? इस पेज पर दी गई हर प्रक्रिया, सीमा और समयसीमा 19 अगस्त 2026 को सीधे आधिकारिक Sanchar Saathi पोर्टल और दूरसंचार विभाग के पन्नों से जांची गई है। RTI से जुड़े तथ्य अधिनियम और नियमों के मूल पाठ से लिए गए हैं।

यह पेज क्या नहीं है. RTI Wiki एक स्वतंत्र नागरिक मंच है। यह न सरकारी विभाग है, न दूरसंचार कंपनी, न TAFCOP की वेबसाइट। यह पेज आपसे कोई मोबाइल नंबर, Aadhaar नंबर, OTP या बैंक विवरण नहीं मांगता और न ही कोई जानकारी दर्ज कराता है। आपको यह सब सिर्फ़ आधिकारिक पोर्टल पर ही डालना है।

कितना भरोसा करें. सरकारी पोर्टल के पन्ने और प्रक्रियाएँ समय-समय पर बदलती हैं। जहाँ इस पेज और आधिकारिक अधिसूचना में अंतर दिखे, वहाँ आधिकारिक अधिसूचना ही मान्य है।

अंतिम समीक्षा: 19 अगस्त 2026 | समीक्षक: RTI Wiki संपादकीय टीम

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