Quick answer / सीधा उत्तर. सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 (RTI Act, 2005) के तहत हर भारतीय नागरिक किसी भी लोक प्राधिकरण (Public Authority) से जन सूचना अधिकारी (Public Information Officer / PIO) को हिन्दी या किसी भी अनुसूचित भाषा में आवेदन भेज सकता है। यह पृष्ठ एक तैयार हिन्दी RTI नमूना देता है जिसमें धारा 6(1) (आवेदन का अधिकार), धारा 7(1) (30 दिन की समय-सीमा), धारा 7(5) (BPL के लिए शुल्क-मुक्ति), धारा 10(1)/(2) (अंशदान-व्यवस्था), धारा 6(3) (गलत PIO से सही PIO को 5 दिन में स्थानांतरण), और धारा 8(2) (व्यापक सार्वजनिक हित में प्रकटीकरण) सब पहले से लिखे हैं। शुल्क केवल ₹10 है (BPL के लिए शून्य); भुगतान Indian Postal Order (IPO) / डिमांड ड्राफ्ट / ऑनलाइन rtionline.gov.in से। आवेदन Speed Post (Acknowledgement Due) से भेजें ताकि PIO के कार्यालय में पहुंचने का प्रमाण मिले। PIO को 30 दिन में जवाब देना अनिवार्य है (धारा 7(1)); 30 दिन के बाद चुप्पी एक deemed refusal / मानी हुई अस्वीकृति है (धारा 7(2)): फिर धारा 19(1) के तहत First Appeal / प्रथम अपील 30 दिन में दर्ज करें। DPDP Rules 2025 (अधिसूचना 14 नवंबर 2025) के बाद धारा 8(1)(j) में निजी जानकारी पर सख्ती बढ़ी है: सार्वजनिक हित का तर्क अब केवल धारा 8(2) से चलता है। नीचे पूरा हिन्दी नमूना, उसका इस्तेमाल कैसे करें, असली केस-स्टडी (लक्ष्मी देवी, बक्सर: 38 दिन में PMAY की दूसरी किश्त), और 12 अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न दिए गए हैं।
दिनांक: ____________________
रजिस्टर्ड डाक / Speed Post (AD) द्वारा
सेवा में,
जन सूचना अधिकारी,
[विभाग / कार्यालय का नाम],
[कार्यालय का पूरा पता],
[पिन कोड]
विषय: सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 6(1) के अंतर्गत
आवेदन: [संक्षिप्त विषय, फ़ाइल / आवेदन क्रमांक]
महोदय / महोदया,
1. मैं [आपका पूरा नाम], आयु [____], पता [पूरा पता, पिन], भारत
का नागरिक हूँ। मैं सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की
धारा 6(1) सपठित धारा 3 के अंतर्गत यह आवेदन प्रस्तुत
कर रहा / रही हूँ।
2. प्रकरण का संक्षिप्त विवरण (आवेदक के अपने शब्दों में):
[_____________________________________________________
_____________________________________________________
_____________________________________________________]
3. वांछित सूचना:
(क) [प्रश्न 1: किसी विशिष्ट दस्तावेज़ की प्रमाणित प्रति
अथवा "आज की तिथि की स्थिति"]
(ख) [प्रश्न 2]
(ग) [प्रश्न 3]
(घ) [प्रश्न 4]
(ङ) [प्रश्न 5]
4. शुल्क: रू. 10/- का आवेदन शुल्क [Indian Postal Order (IPO)
क्रमांक _______ / Demand Draft क्रमांक _______ / ऑनलाइन
प्राप्ति क्रमांक _______] के माध्यम से संलग्न है।
[यदि BPL: मैं गरीबी रेखा से नीचे परिवार का सदस्य हूँ;
धारा 7(5) के अंतर्गत शुल्क-मुक्ति के लिए BPL प्रमाण-पत्र
की स्व-प्रमाणित प्रति संलग्न है।]
5. **अंशदान-व्यवस्था (Severability)**: यदि वांछित सूचना का कोई
भाग धारा 8 के अंतर्गत छूट-योग्य है, तो शेष सूचना **धारा 10(1)**
और **धारा 10(2)** के अंतर्गत प्रकट करते हुए कारण-सहित
अंश-निर्णय आदेश पारित करने का कष्ट करें।
6. **स्थानांतरण (Transfer)**: यदि इस आवेदन का विषय आपके
कार्यालय के क्षेत्राधिकार से बाहर है, तो कृपया **धारा 6(3)**
के अंतर्गत 5 दिन के भीतर सही लोक प्राधिकरण को स्थानांतरित
करें और मुझे विधिवत सूचित करें।
7. **धारा 8 के संभावित आपत्तियों का निवारण**:
(क) यह आवेदन मेरे अपने प्रकरण से संबंधित है: धारा 8(1)(j)
(निजता) लागू नहीं होती। संबंधित निर्णय: //भगत सिंह बनाम
केंद्रीय सूचना आयुक्त//, दिल्ली उच्च न्यायालय
W.P.(C) 3114/2007: जब प्रकटीकरण किसी सार्वजनिक
गतिविधि से संबंधित हो तो धारा 8(1)(j) लागू नहीं होती।
(ख) यदि कोई भाग धारा 8(1)(d) (व्यापारिक गोपनीयता) या
धारा 8(1)(e) (विश्वसनीय सम्बन्ध) के अंतर्गत दावा किया
जाता है, तो **धारा 8(2)** के अंतर्गत सार्वजनिक हित का
परीक्षण लागू होगा: //RBI बनाम जयन्तीलाल मिस्त्री//,
(2016) 5 SCC 136।
(ग) **DPDP अधिनियम 2023 की धारा 44(3) (अधिसूचना 14
नवंबर 2025)** द्वारा संशोधित धारा 8(1)(j) में आंतरिक
सार्वजनिक-हित प्रावधान अब हटा दिया गया है; अब
सार्वजनिक हित केवल धारा 8(2) से कार्य करता है।
8. कृपया सूचना **धारा 7(1)** की 30 दिन की वैधानिक अवधि के
भीतर मेरे उपरोक्त पते पर **रजिस्टर्ड डाक / Speed Post (AD)**
द्वारा प्रेषित करें। 30 दिन की अवधि के पश्चात् मौन रहने
को **धारा 7(2)** के अंतर्गत **मानी हुई अस्वीकृति** माना
जाएगा और मैं **धारा 19(1)** के अंतर्गत प्रथम अपील
प्रस्तुत करने का अधिकार सुरक्षित रखता / रखती हूँ।
धन्यवाद।
भवदीय / भवदीया,
([आपका पूरा नाम])
आवेदक के विवरण:
नाम: [पूरा नाम]
पता: [पूरा डाक पता]
दूरभाष: [10-अंकीय मोबाइल: वैकल्पिक]
ईमेल: [वैकल्पिक]
संलग्नक: (1) रू. 10/- का IPO / DD / BPL प्रमाण-पत्र की प्रति;
(2) पूर्व आवेदन / पावती की स्व-प्रमाणित प्रति
(यदि कोई हो)।
→ या मैन्युअल लिखने के बजाय 🪄 AI RTI Drafter का इस्तेमाल करें: अपनी समस्या सरल भाषा में लिखें, 60 सेकंड में पूरा filing-ready पत्र मिलेगा। मुफ़्त, बिना लॉगिन।
→ या 🎤 AwaazRTI से हिन्दी / तमिल / बंगाली / तेलुगु / मराठी / गुजराती / कन्नड़ / पंजाबी / उड़िया / मलयालम / अंग्रेज़ी में बोलें: सिस्टम स्वत: टाइप कर देगा।
लक्ष्मी देवी, बक्सर, बिहार की 41 वर्षीय दिहाड़ी मज़दूर। PMAY-G योजना में 2019 से अनुमोदित, मार्च 2023 में नींव-स्तर का जियो-टैग अपलोड हो चुका था। पहली किश्त रू. 25,000 जुलाई 2023 में आ गयी। फिर दो साल तक कुछ नहीं हुआ। दूसरी और तीसरी किश्त लटक गयी। तीन बार ब्लॉक कार्यालय गयीं, दो बार DM grievance day, एक CPGRAMS: सब बेकार।
उनके बेटे के दोस्त ने AI RTI Drafter से एक सटीक हिन्दी RTI तैयार किया। जन सूचना अधिकारी, खंड विकास अधिकारी (BDO), बक्सर को सात विशिष्ट प्रश्न पूछे गये:
कुल वसूली: रू. 75,000 + Saubhagya electricity connection convergence-fund के तौर पर। कुल लागत: ₹10 RTI शुल्क + ₹60 डाक खर्च। पूरा केस: PMAY status RTI guide।
| माध्यम | कैसे चुकाएं |
|---|---|
| Indian Postal Order (IPO) | किसी भी डाकघर से रू. 10/- का IPO; “Accounts Officer / DDO / [प्राधिकरण]” के पक्ष में |
| Demand Draft (DD) | राष्ट्रीयकृत बैंक से, रू. 10/- का; “Accounts Officer / DDO” के पक्ष में |
| ऑनलाइन (केंद्र सरकार) | rtionline.gov.in पर UPI / नेट बैंकिंग / डेबिट कार्ड |
| राज्य पोर्टल | जैसे rti.maharashtra.gov.in, rtigateway.karnataka.gov.in, rtionline.delhi.gov.in |
| Court-fee stamp | जहाँ राज्य के RTI नियम अनुमति देते हों |
| नकद | कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से जमा करें (पावती ज़रूर लें) |
| BPL छूट | धारा 7(5): BPL प्रमाण-पत्र की स्व-प्रमाणित प्रति संलग्न करें; शुल्क शून्य |
→ पूर्ण प्रक्रिया: First Appeal Section 19(1) full guide।
→ ⏰ Timeline Calculator दिन गिनने के लिए। ⚖ First Appeal Builder अपील-पत्र बनाने के लिए।
हाँ। RTI Act, 2005 की धारा 4(4) सपठित राज्य RTI नियमों के अंतर्गत हर भारतीय नागरिक हिन्दी या किसी भी अनुसूचित भाषा में आवेदन भेज सकता है। PIO को उसी भाषा में या अंग्रेज़ी में जवाब देना होगा।
केंद्र सरकार की public authority के लिए रू. 10/-। राज्य की पाब्लिक authority के लिए राज्य RTI नियम लागू होते हैं: अधिकांश राज्यों में रू. 10-50/-। BPL आवेदकों के लिए शून्य (धारा 7(5)): BPL प्रमाण-पत्र की प्रति संलग्न करें।
30 दिन में (धारा 7(1))। यदि आवेदन गलत PIO को गया है तो उसे 5 दिन में सही PIO को स्थानांतरित करना है (धारा 6(3))।
दिन 31 से deemed refusal (मानी हुई अस्वीकृति) धारा 7(2)। धारा 19(1) के अंतर्गत First Appeal 30 दिन में दर्ज करें। FAA PIO से वरिष्ठ अधिकारी होता है।
केंद्र सरकार के लिए: rtionline.gov.in हिन्दी interface में पूरी तरह काम करता है। राज्य पोर्टल (Maharashtra, Karnataka, Delhi, Tamil Nadu) क्षेत्रीय भाषा भी समर्थन करते हैं।
सीमित। धारा 8(1)(j) (निजता) अब DPDP Rules 2025 के बाद और सख्त है। यदि सूचना सार्वजनिक गतिविधि से संबंधित है (भर्ती, सरकारी फंड, सार्वजनिक पद) तो धारा 8(2) सार्वजनिक हित के तर्क पर मांगी जा सकती है।
नहीं। धारा 6(2) स्पष्ट रूप से कारण पूछने पर रोक लगाती है (केवल आपसे संपर्क के सीमित प्रयोजन को छोड़कर)। PIO द्वारा “कोई कारण नहीं दिया गया” के आधार पर अस्वीकृति स्वयं अपील-योग्य है।
अतिरिक्त शुल्क: रू. 2/- प्रति A4 पृष्ठ। PIO आगे का शुल्क बताएगा (धारा 7(3)); अनुचित शुल्क का सामना धारा 7(5) reasonable proviso + धारा 19(1) अपील से करें।
विशिष्ट उप-धारा की मांग करें। PIO को speaking order (कारण-सहित आदेश) देना ज़रूरी है: भगत सिंह बनाम CIC, दिल्ली उच्च न्यायालय 2008। यदि गलत है तो धारा 19(1) में अपील करें। PIO Reply Checker का उपयोग करें।
हाँ। RTI Act भारत-व्यापी है। शुल्क उस राज्य के नियमों के अनुसार होगा जहाँ public authority स्थित है।
नहीं: Speed Post (AD) ही प्रयोग करें। India Post की Acknowledgement Due कार्ड CIC आदेशों में स्वीकार्य प्रमाण है। निजी कुरियर delivery प्रमाण के रूप में अधिकांश आदेशों में स्वीकार नहीं किया जाता।
ज़्यादातर निजी संस्थाएं public authority नहीं हैं। लेकिन यदि वे सरकारी योजना (PMJDY, PMJJBY, MUDRA, PMAY-CLSS) के रिकॉर्ड रखते हैं, तो धारा 2(f) के अंतर्गत वह public authority के माध्यम से प्राप्य है।
{REVIEWED}
Last reviewed: 4 May 2026: RTI Wiki editorial team. सभी उद्धरण RTI अधिनियम 2005 + RTI नियम 2012 + DPDP अधिनियम 2023 + DPDP नियम 2025 (14 नवंबर 2025 से प्रभावी) + CIC / SC / HC आदेशों से 4 मई 2026 तक सत्यापित।