सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 (Right to Information Act) हर भारतीय नागरिक को यह कानूनी अधिकार देता है कि वह किसी भी सरकारी दफ्तर — केंद्र, राज्य, ज़िला, ब्लॉक, ग्राम पंचायत, या नगरपालिका — से जानकारी मांग सके। यह कानून 12 अक्टूबर 2005 से लागू है। इसके तहत हर सरकारी विभाग में एक “जन सूचना अधिकारी (PIO)” होता है जिसका कानूनी कर्तव्य है आपकी अर्ज़ी पर 30 दिन के भीतर जवाब देना। नहीं देता तो उस पर ₹25,000 तक का जुर्माना लग सकता है।
हर नागरिक (नाबालिग सहित) किसी भी सरकारी प्राधिकरण से कोई भी जानकारी माँग सकता है — बशर्ते वह धारा 8 की छूट के दायरे में न आए। आपको कारण बताने की ज़रूरत नहीं।
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अंतिम समीक्षा: 23 अप्रैल 2026.