एक पंक्ति में। भारत की सार्वजनिक वितरण प्रणाली (Public Distribution System, PDS) राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के तहत चलती है। Antyodaya (AAY) परिवार को हर महीने 35 किलो अनाज और Priority Household (PHH) के हर सदस्य को 5 किलो अनाज मिलता है — चावल ₹3/किलो, गेहूँ ₹2/किलो, मोटा अनाज ₹1/किलो। PMGKAY के तहत यह अनाज दिसंबर 2028 तक मुफ्त दिया जा रहा है। दुकानदार कम तौले, ज्यादा पैसा माँगे, या “stock नहीं है” बोले — 1967 हेल्पलाइन पर शिकायत करें।
राशन कार्ड क्या है, कौन-सा कार्ड किसे मिलता है, क्या-क्या मिलता है, और दुकानदार धोखा दे तो क्या करना है — एक ही पन्ने पर पूरी हिन्दी गाइड, 2026 संस्करण।
भारत में हर तीसरे परिवार के पास राशन कार्ड है — कुल 80 करोड़ से ज़्यादा लोग हर महीने PDS से अनाज लेते हैं। पर ज़मीनी सच यह है: ज़्यादातर लोगों को नहीं पता कि असल में उनके कार्ड पर कितना अनाज आना चाहिए, कौन-सी रेट पर, और दुकानदार के पास तौलने की पर्ची माँगने का उनका हक है। यही जानकारी का अभाव दुकानदार के लिए “एक किलो कम तौल दूँ, कौन पूछेगा” का मौक़ा बनता है। यह पन्ना उसी अंतर को पाटने के लिए है — आपके अधिकार, आपके आँकड़े, और शिकायत की पूरी सीढ़ी।
| कानूनी आधार | राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA), 2013 |
| कुल लाभार्थी | लगभग 81.35 करोड़ लोग (देश की 67% ग्रामीण + 50% शहरी आबादी) |
| कार्ड के प्रकार | Antyodaya (AAY), Priority Household (PHH), Non-Priority (APL) |
| AAY को मिलता है | हर परिवार को 35 किलो प्रति माह |
| PHH को मिलता है | हर सदस्य को 5 किलो प्रति माह |
| NFSA रेट | चावल ₹3, गेहूँ ₹2, मोटा अनाज ₹1 प्रति किलो |
| PMGKAY (मुफ्त अनाज) | जनवरी 2024 से दिसंबर 2028 तक NFSA अनाज मुफ्त |
| राष्ट्रीय हेल्पलाइन | 1967 (toll-free, 24×7) |
| केंद्रीय पोर्टल | nfsa.gov.in |
| Portability ऐप | Mera Ration 2.0 (Play Store / App Store) |
| जारीकर्ता विभाग | राज्य का खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग |
PDS (Public Distribution System) यानी सरकार का अनाज बाँटने का ढाँचा। 1997 में इसे Targeted PDS (TPDS) बनाया गया — मतलब “सबको नहीं, ज़रूरतमंदों को”। फिर 2013 में NFSA पास हुआ और राशन एक कानूनी हक़ बन गया — कोई अधिकारी “आज नहीं देंगे” नहीं कह सकता।
ढाँचा तीन पर्तों का है:
देश के सबसे गरीब परिवारों के लिए। पात्रता मानदंड (राज्य-दर-राज्य थोड़ा फ़र्क़ है, पर मूल बातें):
मिलता है: हर परिवार को 35 किलो अनाज प्रति माह, परिवार के सदस्यों की संख्या से अलग।
NFSA के तहत देश के 75% ग्रामीण और 50% शहरी परिवार इसी श्रेणी में आते हैं। पात्रता राज्य के exclusion criteria (बाहर रखने के मानदंडों) से तय होती है — आम तौर पर:
मिलता है: हर सदस्य को 5 किलो अनाज प्रति माह।
NFSA के बाहर का कार्ड — सिर्फ़ पहचान-पत्र के काम आता है, अनाज लगभग नहीं मिलता (कुछ राज्यों में चीनी/केरोसीन ज़रूर मिलता है)। नया कार्ड बनाते वक़्त ज़्यादातर लोग यही पाते हैं अगर वे NFSA पात्र नहीं हैं।
विस्तार से पढ़ें — पुराने रंग कोड और “Annapurna” कार्ड पुराने ज़माने में पीला (AAY), गुलाबी (BPL), नीला/हरा (APL), नारंगी (Annapurna) रंगों से कार्ड पहचाने जाते थे। NFSA 2013 के बाद अधिकांश राज्य digital कार्ड देते हैं और रंग-कोड का अब क़ानूनी मतलब नहीं है — पर “पीला कार्ड दिखाओ” कहने का चलन गाँव में अब भी है। Annapurna एक अलग योजना है — 65+ बुज़ुर्ग जो NSAP पेंशन के पात्र हैं पर नहीं पाते — उन्हें 10 किलो मुफ्त अनाज देता है।
| कार्ड | क्या | कितना | NFSA रेट | PMGKAY (अभी) |
| AAY (परिवार) | चावल/गेहूँ | 35 किलो/माह | ₹3 / ₹2 / ₹1 | मुफ्त |
| PHH (प्रति सदस्य) | चावल/गेहूँ | 5 किलो/माह | ₹3 / ₹2 / ₹1 | मुफ्त |
| Non-Priority/APL | – | राज्य-अनुसार | राज्य रेट | – |
याद रखें: PMGKAY (प्रधान मंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना) के तहत दिसंबर 2028 तक NFSA अनाज मुफ्त है। दुकानदार अगर ₹3/₹2 भी माँगता है तो वह ग़लत है — रसीद माँगिए।
राज्य-अनुसार कुछ अतिरिक्त वस्तुएँ भी मिलती हैं:
विस्तार से पढ़ें — परिवार में नया सदस्य कैसे जोड़ें / नाम कैसे हटाएँ नवजात या नई बहू जोड़ने के लिए: Form-3 भरें (राज्य-वार name अलग), साथ में जन्म प्रमाण-पत्र या विवाह प्रमाण-पत्र + नए सदस्य का Aadhaar (नवजात के लिए Aadhaar bal-Aadhaar/enrolment slip चलेगा)। मृत्यु पर नाम हटाने के लिए: Form-4, साथ में मृत्यु प्रमाण-पत्र। नाम जुड़ने में 15–45 दिन लगते हैं — देरी पर हमारी "नाम जोड़ने/हटाने में देरी" गाइड पढ़ें।
अगर आप काम के लिए दूसरे शहर/राज्य में रहते हैं — तो आपका कार्ड वहीं चलेगा। यह 2019 में शुरू हुई ONORC योजना का सबसे बड़ा फ़ायदा है। आज देश के सभी 36 राज्य/UT ONORC से जुड़े हैं।
Google Play / App Store से Mera Ration डाउनलोड करें। इसमें आप कर सकते हैं:
NFSA ने हर सदस्य का Aadhaar कार्ड से link होना अनिवार्य कर दिया है। अगर किसी सदस्य का e-KYC नहीं हुआ है — उस सदस्य का हिस्सा काटा जा सकता है।
ध्यान दें: 2026 में e-KYC deadline बार-बार बढ़ी है — हर 6 महीने में नई deadline आती है। अपने राज्य के पोर्टल पर current deadline check कीजिए। जिनका Aadhaar नहीं है उनके लिए राज्य alternate प्रक्रिया देता है — मना नहीं कर सकता।
दुकानदार 5 किलो की जगह 4.5 किलो देता है, बाक़ी 500 ग्राम अपने पास रखता है। तोड़: अपना तौल खुद चेक करें। FPS पर तुलाई जाँच के लिए एक मानक भार (5kg/10kg) रखा होता है — माँगिए।
“भाई, इस महीने महंगा है, ₹5/किलो दो।” — सरासर ग़लत। तोड़: ePoS पर्ची दिखाइए जिसमें ₹2/₹3 का सरकारी रेट है (या PMGKAY में “Free”)। फ़र्क़ माँगिए।
तब बोलते हैं जब अनाज open market में बेच चुके हैं। तोड़: Mera Ration ऐप पर state stock check करें — महीने का allotment वहाँ दिखता है। “Out of Stock” certificate माँगिए। न दे तो 1967 पर fraud की complaint।
मरे हुए / shift हो चुके / fake नामों पर कार्ड चलते रहते हैं — दुकानदार उनका अनाज खुद बेच लेता है। तोड़: Mera Ration ऐप → “Beneficiary list” → गाँव/मोहल्ले की पूरी list देखें। फ़र्ज़ी नाम मिले? खाद्य निरीक्षक (Food Inspector) को लिखित शिकायत। RTI से कार्ड-वार transaction record भी माँगा जा सकता है (नीचे section देखें)।
“मशीन काम नहीं कर रही, अगली बार आना।” — पर अगली बार पुराने fingerprint से दुकानदार ख़ुद उठा लेता है। तोड़: OTP option माँगिए (Aadhaar से जुड़े मोबाइल पर) — हर ePoS मशीन में होता है। बायोमेट्रिक के साथ-साथ OTP/Iris/PoS-PIN — चार में से कोई भी authentication ज़रूरी है।
दुकान पर “Complaint Register” रखना अनिवार्य है। अपनी शिकायत वहाँ लिखें, तारीख़ डालें, दस्तख़त करें, register की एक फोटो ज़रूर खींचें। दुकानदार register न दिखाए — वही पहला अपराध है।
शिकायत नंबर लिख लें — यही आगे काम आएगा।
मान लीजिए आपने 1967 पर शिकायत की, complaint नंबर भी मिला, पर तीन महीने बाद भी कुछ नहीं हुआ। दुकानदार वैसे ही चल रहा है। यहाँ सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 आता है।
RTI से आप पूछ सकते हैं — “मेरी शिकायत का क्या हुआ, किसने जाँच की, क्या निष्कर्ष निकला।” सरकार 30 दिन में जवाब देने को बाध्य है, शुल्क सिर्फ़ ₹10 (BPL कार्ड वालों के लिए मुफ्त)।
सेवा में, केंद्रीय जन सूचना अधिकारी (PIO), ज़िला खाद्य एवं आपूर्ति कार्यालय, [ज़िला का नाम] विषय: सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 6(1) के तहत आवेदन महोदय, मैं भारत का नागरिक हूँ। RTI Act 2005, §6(1) के तहत निम्न जानकारी की प्रति माँग रहा/रही हूँ: 1. मेरी शिकायत संख्या [complaint number], दिनांक [DD/MM/YYYY], जो FPS code [FPS नंबर] के विरुद्ध दर्ज की गई थी — पर अब तक क्या कार्रवाई हुई है? 2. इस शिकायत की जाँच किस अधिकारी ने की — नाम, पदनाम और जाँच की तारीख़? 3. जाँच रिपोर्ट की प्रति (RTI Act §2(j)(ii) के तहत)। 4. उक्त FPS के पिछले 12 महीनों के मासिक allotment और distribution आँकड़े — मेरे राशन कार्ड संख्या [card number] पर कितना अनाज दिखाया गया है। 5. ePoS transaction log — मेरे कार्ड पर पिछले 12 महीनों में किस-किस तारीख़ को कितना अनाज उठाया हुआ दिखा है (बायोमेट्रिक authentication सहित)। 6. यदि उक्त FPS के विरुद्ध 12 माह में कोई अन्य शिकायतें हैं — संख्या और स्थिति। शुल्क ₹10 का IPO/नक़द/UPI संलग्न है। यदि मैं BPL/AAY श्रेणी का/की हूँ, तो §7(5) के तहत शुल्क-छूट का अनुरोध है (कार्ड कॉपी संलग्न)। जानकारी कृपया 30 दिनों में §7(1) के तहत भेजी जाए। धन्यवाद। [नाम, पता, फ़ोन, दस्तख़त, दिनांक]
आसान तरीक़ा: हमारा मुफ्त AI RTI Drafter use करें — हिन्दी में अपनी समस्या बोलें/लिखें, 60 second में तैयार RTI मिल जाएगी, आपका नाम/पता/शुल्क-वक्तव्य pre-filled।
ज़्यादा सीखना है? RTI की पूरी कला — कब फाइल करें, क्या माँगें, कैसे appeal करें — हमारी मुफ्त किताब The RTI Playbook में है। यह क़ानून की क़िताब नहीं, नागरिक की playbook है।
हाँ। Supreme Court के Puttaswamy और बाद के आदेशों के बाद, “Aadhaar नहीं है” राशन रोकने का कारण नहीं हो सकता। राज्य आपको Aadhaar enrolment की प्रक्रिया में मदद देगा और इस बीच alternate identity (voter ID + manual register) से अनाज देगा। अगर FPS मना करे — 1967 + DSO के पास लिखित शिकायत करें।
ज़्यादातर राज्यों में लगातार 6 महीने अनाज न उठाने पर कार्ड को “inactive” किया जाता है। फिर भी यह automatic cancellation नहीं है — आपको नोटिस मिलना चाहिए और reactivate करने का मौक़ा देना ज़रूरी है। बिना नोटिस cancel करना ग़ैरक़ानूनी है।
हाँ — पता-प्रमाण के तौर पर registered rent agreement + मकान-मालिक का NOC + बिजली बिल काम करते हैं। पुराने पते से surrender certificate ज़रूरी होगा अगर आप दूसरे राज्य से shift हुए हैं। ONORC के कारण ज़्यादातर मामलों में नया कार्ड न बनवाकर सिर्फ़ portability से भी काम चल जाता है।
ePoS पर्ची आपका क़ानूनी right है। पर्ची माँगिए — न दे तो आप वहीं Mera Ration ऐप खोलकर अपना transaction live देख सकते हैं। न दिखे — मतलब transaction “ghost” है। 1967 पर तुरंत शिकायत।
नहीं। एक परिवार का एक ही राशन कार्ड हो सकता है। पकड़े जाने पर कार्ड cancel + IPC §420 (धोखाधड़ी) का मुक़दमा बन सकता है। काम के लिए दूसरे राज्य में रहते हैं — तो ONORC use करें, दूसरा कार्ड नहीं।
राज्य का SLA आम तौर पर 30 दिन (शहरी) / 45 दिन (ग्रामीण) है। देरी पर: (1) DSO के पास लिखित शिकायत, (2) Mera Ration ऐप / राज्य पोर्टल पर ARN से status check, (3) फिर भी जवाब नहीं तो हमारी "राशन कार्ड application में देरी" RTI गाइड देखें।
राज्य-अनुसार। ज़्यादातर राज्यों में APL कार्ड पहचान/पता प्रमाण के तौर पर ही चलता है। केरल, तमिल नाडु, पुडुचेरी में अब भी कुछ राशन (केरोसीन / चीनी / चावल subsidised रेट पर) मिलता है।
Mera Ration ऐप खोलें → “Transaction history” → अगर कोई transaction है जो आपने नहीं किया — तुरंत SMS-screenshot + transaction ID के साथ DSO को complaint। यह सीधे §420 + NFSA §12 के तहत अपराध है।
हाँ। “Single-member” राशन कार्ड हर NFSA राज्य में available है। आय/exclusion मानदंड पूरे करने पर PHH कार्ड मिलेगा (अनाज 5 किलो/माह)।
केंद्र सरकार ने जनवरी 2024 से दिसंबर 2028 तक NFSA अनाज पूरी तरह मुफ्त घोषित किया है। यानी ₹2/₹3 की रेट भी नहीं देनी पड़ेगी। यह अगले बजट के साथ बदल सकता है — current status हमेशा nfsa.gov.in पर देखें।
अंतिम संशोधन: 2026 संस्करण। यह पन्ना नियमित रूप से update होता है — कोई जानकारी पुरानी लगे, तो हमें बताएँ।